नई दिल्ली: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सईदोव से शिष्टाचार भेंट कर दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान संसदीय सहयोग, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क (पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज) को और विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।

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इस अवसर पर ओम बिरला ने अप्रैल 2025 में ताशकंद में आयोजित इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन (आईपीयू) की 150वीं महासभा में अपनी यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव, सीनेट की अध्यक्ष तंजिला नरबायेवा और विधायी सदन के अध्यक्ष नुरिद्दीन इस्माइलोव से मुलाकात का अवसर मिला था। इन बैठकों ने दोनों देशों के संसदीय और द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि मार्च 2026 में भारतीय संसद द्वारा भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह का गठन किया गया है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं। यह समूह आर्थिक विकास, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मुलाकात भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को और सशक्त बनाएगी, संसदीय सहयोग को नई दिशा देगी तथा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।

