लखनऊ: उत्तर प्रदेश को आधुनिक सड़क नेटवर्क की दिशा में एक और बड़ी सौगात मिल गई है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। 63 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच यात्रा को पहले से कहीं अधिक आसान और तेज बनाएगा।
करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से तैयार इस छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय 2 से 3 घंटे से घटकर केवल 40 से 45 मिनट रह जाएगा। उद्घाटन के साथ ही इस मार्ग को आम लोगों के लिए खोल दिया गया।
चार अलग-अलग नामों से जाना जाएगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे भविष्य में चार नामों से पहचाना जाएगा—
- नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6)
- अवध एक्सप्रेसवे
- ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
बेहद आधुनिक सुविधाओं से लैस है एक्सप्रेसवे
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। इसमें—
- 6 लेन सड़क (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार की व्यवस्था)
- 3 इंटरचेंज
- 2 फ्लाईओवर
- 1 रोड ओवरब्रिज
- 4 बड़े पुल
- 25 छोटे पुल
- 12 व्हीकल अंडरपास
- 14 लाइट व्हीकल अंडरपास
- 11 पैदल यात्री अंडरपास
- 2 वे-साइड सुविधाएं
शामिल हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर मिलेगा।
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से होगी निगरानी
एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया गया है, जिसमें—
- 63 हाई-रिजॉल्यूशन PTZ कैमरे
- 21 वेरिएबल मैसेज साइन
- 27 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम
- 62 इमरजेंसी कॉल बॉक्स
- 6 स्पीड डिटेक्शन रडार
- 9 स्टैटिक वे-ब्रिज
जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इससे दुर्घटनाओं पर तुरंत निगरानी और ट्रैफिक संचालन अधिक प्रभावी होगा।
उद्योग, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके साथ ही पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
यह परियोजना कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामान और लॉजिस्टिक्स की तेज आवाजाही में मदद करेगी। एक्सप्रेसवे के किनारे वेयरहाउस, इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, पर्यटन और रियल एस्टेट परियोजनाओं के विकास की भी संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे हजारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यान
इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। निर्माण कार्य में करीब 4 लाख क्यूबिक मीटर फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया है, जबकि पूरे कॉरिडोर के किनारे 46 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा दोनों ओर सुरक्षा जाली, डिवाइडर बैरियर, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
एक नजर में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
- लंबाई: 63 किलोमीटर
- लागत: ₹4,200 करोड़
- लेन: 6 (भविष्य में 8 लेन)
- ग्रीनफील्ड सेक्शन:2 किमी
- एलिवेटेड सेक्शन: 5 किमी
- कारों की अधिकतम गति: 120 किमी/घंटा
- ट्रकों की अधिकतम गति: 100 किमी/घंटा
- यात्रा समय: 2-3 घंटे से घटकर 40-45 मिनट
उद्घाटन समारोह में रहे कई वरिष्ठ नेता मौजूद
लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सांसद साक्षी महाराज, रमेश अवस्थी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

