भारी विरोध के बाद मध्य प्रदेश सरकार का उज्जैन लैंड पूलिंग योजना पर यू-टर्न

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उज्जैन। किसान महासंघ द्वारा महाविरोध की घोषणा के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार को सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना पर यू-टर्न लेना पड़ा है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद मोहन यादव सरकार ने लैण्डपूलिंग योजना को पूरी तरह से बंद करने की अधूसचना जारी कर दी।

गौरतलब हो कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते की गई लैंड पूलिंग योजना को प्रदेश में हो रहे भारी विरोध का सामना करने के बाद सरकार ने इस योजना को निरस्त कर दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें उज्जैन विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित नगर विकास स्कीम क्रमांक 8, 9, 10 और 11 को पूर्ण रूप से रद्द करने का आदेश दिया गया है।
साथ ही, पहले जो भी आदेश जारी हुए थे उन्हें भी निरस्त कर दिया गया है, भारतीय किसान संघ के लगातार विरोध और प्रस्तावित आंदोलन की चेतावनी के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। बतादें कि नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लैंड पूलिंग योजना को निरस्त करने की घोषणा की थी, लेकिन पूर्ण अधिसूचना नहीं जारी होने से विवाद बना हुआ था। अब जारी नए आदेश से यह विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।
किसान संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। इससे हजारों किसानों की कृषि योग्य भूमि सुरक्षित रहेगी और सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी अधिग्रहण का खतरा टल गया है। इधर सरकार का कहना है कि सिंहस्थ आयोजन दिव्य और भव्य होगा, लेकिन किसानों के हितों की सुरक्षा भी सर्वोपरि है।