भोपाल: खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 275 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया है। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 1.10 लाख रुपये बताई गई है। विभाग ने पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
कई डेयरियों और प्रमुख स्थानों पर जांच
आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश के निर्देश पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने देर रात जैन डेयरी, कोलार और तड़के न्यू कृष्णा डेयरी, नादरा बस स्टैंड तथा नेशनल डेयरी का निरीक्षण किया। इसके अलावा सुबह करीब 4 बजे से रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी समेत कई स्थानों पर भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई।
गुणवत्ता पर संदेह के बाद जब्त किया पनीर
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता और स्वरूप को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद नियमानुसार करीब 275 किलो पनीर जब्त किया गया। विभाग ने इसके नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।
रिपोर्ट आने से पहले ‘एनालॉग पनीर’ घोषित नहीं
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जब्त पनीर को एनालॉग पनीर घोषित नहीं किया गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी संरचना और गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं किसी वैकल्पिक या वनस्पति वसा आधारित उत्पाद को पनीर के नाम पर तो नहीं बेचा जा रहा था।
यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
D-Mart Ready से भी लिए गए पनीर के सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संगठित रिटेल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में भोपाल की डेटा कॉलोनी स्थित D-Mart Ready का निरीक्षण कर पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लिए गए।टीम ने उत्पादों की लेबलिंग, पैकेजिंग, निर्माण और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की।
Blinkit और Flipkart समेत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नजर
विभाग Blinkit, D-Mart, Flipkart और Reliance Mall समेत ई-कॉमर्स और संगठित रिटेल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी कर रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं किसी एनालॉग या वैकल्पिक उत्पाद को पनीर के नाम से तो नहीं बेचा या सप्लाई किया जा रहा। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

