भोपाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में पहली बार TET परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा में करीब डेढ़ लाख शिक्षक शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
शनिवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।
इन शिक्षकों को सम्मान और सराहना
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में पूनम मिश्रा, बिहारी लाल प्रजापति, अरुण कुमार भादे, बलराम अहिरवार, मुकेश कुमार शर्मा, अरुण कुमार मित्तल, मुकेश कुमार प्रजापति, मनीष तिवारी, अजय कुमार मिश्रा, मुकेश नागर, राजेश महेश्वरी, मोहित कुमार गर्ग, पूजा पाण्डेय, सतीश कुमार पाण्डेय, श्वेता तिवारी, शिवलाल दांगी, धन्नालाल बिसेन, रितेश कुमार पथाडे, सुखनंदन साहू, नरेंद्र कुमार भारद्वाज, ओम प्रकाश विश्वकर्मा, महेंद्र सिंह ठाकुर, राकेश कुमार गुप्ता, शिखा शर्मा, महेंद्र सिंह पवार, ज्योति पाठक, राकेश कुमार वर्मा, सुरेश चंद्र सोनी, शर्मिला उपाध्याय, रीना देवी कटरे, हेमंत कुमार वैद्य, राकेश कुमार द्विवेदी और सीमा परमार को सम्मानित किया गया।
सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों में आधे से अधिक सरकारी स्कूलों से आते हैं। उन्होंने इसे शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया।
विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानना शिक्षकों की जिम्मेदारी
डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान तब होता है, जब उसका विद्यार्थी उससे आगे बढ़कर सफलता हासिल करे। शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें सही दिशा देनी चाहिए।
शिक्षा में इनोवेशन पर राज्यपाल का जोर
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बदलती वैश्विक जरूरतों और रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप शिक्षा में लगातार नवाचार जरूरी है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के बीच की सीमाओं को कम करने पर जोर दिया।
परिवार और शिक्षक मिलकर करें बच्चों का व्यक्तित्व निर्माण
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण में परिवार और शिक्षक दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। माता-पिता को बच्चों से नियमित संवाद करना चाहिए और उनकी पढ़ाई व रुचियों को समझना चाहिए। असफलता पर बच्चों को डांटने के बजाय उन्हें समझाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
विकसित भारत 2047 के लिए शिक्षा अहम
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, कौशल, जिम्मेदारी और सहनशीलता सिखाना जरूरी है, क्योंकि यही युवा भविष्य में देश का नेतृत्व करेंगे।

