नई दिल्ली: पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब 10 मिनट चली इस वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अभी भी सहमति नहीं बन सकी। बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरभ दास और आशुतोष रांका ने किया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि संगठन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। उनका कहना था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की प्रमुख मांग है और इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवक्ताओं के मुताबिक, सरकार ने इस मांग पर अंतिम निर्णय लेने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।
मुआवजा और केस वापसी पर बनी सहमति
वार्ता के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति भी हुई। CJP ने दावा किया कि सरकार ने प्रदर्शन के दौरान प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति जता दी है। हालांकि, इन बिंदुओं पर सरकार की ओर से अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
10 मिनट चली अहम बैठक
बता दें कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई यह बैठक करीब 10 मिनट तक चली। दोनों पक्षों ने आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और वार्ता आगे भी जारी रखने पर सहमति जताई। अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर शनिवार तक जवाब आने की संभावना जताई जा रही है।
20 जुलाई की वार्ता रही थी बेनतीजा
इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर भी सरकार और CJP के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन उस बैठक में किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी थी। शुक्रवार की बैठक को दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, हालांकि सबसे बड़ा विवाद अभी भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर बना हुआ है

