बालाघाट: मलांजखंड निवासी मनीष भटनागर ने मलांजखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बड़े भाई सुनील भटनागर पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उनके भाई के खिलाफ ही एकतरफा मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।
मनीष भटनागर ने पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो जारी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे घटना से जुड़े साक्ष्यों के साथ बालाघाट पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को शिकायत सौंपेंगे।
क्या है पूरा मामला?
मनीष भटनागर के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे उनके बड़े भाई सुनील भटनागर इंदिरा मार्केट स्थित गीता जेम्स की दुकान पर फोटोकॉपी का काम करवाने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान सोमियांन जिलानी वहां पहुंचे और दुकान को लेकर विवाद करते हुए सुनील भटनागर के साथ कथित रूप से गाली-गलौज की।
मनीष का आरोप है कि इसके बाद सोमियांन जिलानी रामकुमार उर्फ गोलू डीजे की दुकान पर गए और वहां से कुछ लोगों को बुलाया गया। आरोप के अनुसार, इन लोगों के पास लोहे की रॉड, पाइप और तलवार जैसे हथियार थे। इसके बाद सभी ने मिलकर सुनील भटनागर पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान सुनील भटनागर अपनी जान बचाने के लिए बस स्टैंड की ओर भागे। मनीष के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और अपने भाई को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान रामकुमार वर्मा के हाथ से तलवार छुड़ाकर विवाद शांत कराने की कोशिश की गई और सुनील भटनागर को सुरक्षित रूप से दुकान के अंदर ले जाकर शटर बंद कर दिया गया।
दुकान में तोड़फोड़ का भी आरोप
मनीष भटनागर का आरोप है कि इसके बाद रामकुमार उर्फ गोलू डीजे की मां, दो बहनें, दो भाई इंदरलाल वर्मा और लवलेश वर्मा सहित अन्य लोग उनकी दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि दुकान का शटर उठाकर अंदर तोड़फोड़ की गई और गाली-गलौज की गई।
मनीष के मुताबिक, सूचना के बाद डायल-112 का वाहन मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सुनील भटनागर को सुरक्षा की दृष्टि से थाने ले गई।
पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
मनीष भटनागर ने जारी किए गए वीडियो के आधार पर दावा किया है कि घटना में शामिल लोगों के पास हथियार दिखाई दे रहे हैं और हमला सुनियोजित था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था।
मनीष का कहना है कि उन्होंने पुलिस को घटनाक्रम से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत उनके भाई सुनील भटनागर के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी से शिकायत की तैयारी
मामले को लेकर मनीष भटनागर अब बालाघाट पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के समक्ष साक्ष्यों के साथ शिकायत करने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उपलब्ध वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
हालांकि, मामले में पुलिस का पक्ष और आरोपित पक्ष का विस्तृत बयान सामने आना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

