कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार सोमवार को कोलकाता के लोक भवन में शुरू हो गया। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कई विधायक मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं, जबकि अन्य नेताओं की शपथ प्रक्रिया जारी है। राज्यपाल आर.एन. रवि नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिला रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस विस्तार को केवल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं, बल्कि आगामी प्रशासनिक रोडमैप और भाजपा सरकार की दीर्घकालिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
शपथ समारोह पर पूरे राज्य की नजर
लोक भवन में आयोजित समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने, चुनावी वादों को लागू करने और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष फोकस करेगी।
ये नेता बनेंगे मंत्री
पार्टी नेतृत्व ने आधिकारिक सूची जारी नहीं की है, लेकिन जिन विधायकों को शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया है उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं—
- अर्जुन सिंह
- दीपक बर्मन
- कलिता माजी
- विशाल लामा
- मौमिता विश्वास मिश्रा
- जोयेल मुर्मू
- इंद्रनील खान
- पूर्णिमा चक्रवर्ती
- दूधकुमार मंडल
- अशोक डिंडा
- मालती रावा रॉय
- गार्गी दास घोष
- डॉ. स्वपन दासगुप्ता
- तापस रॉय
- डॉ. शंकर घोष
- डॉ. सारदवत मुखर्जी
- जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
- गौरीशंकर घोष
- मनोज उरांव
- अजय कुमार पोद्दार
- अरूप कुमार दास
मंत्रिमंडल की संख्या पहुंचेगी 41 के करीब
35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की कुल संख्या 41 तक पहुंच सकती है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अभी भी कुछ पद भविष्य के विस्तार के लिए सुरक्षित रह सकते हैं।
विभागों के बंटवारे पर सबसे ज्यादा नजर
राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि वित्त, गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, ग्रामीण विकास और शहरी प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कुछ प्रमुख विभाग अपने पास रख सकते हैं, जबकि कई नए चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
शपथ के बाद मुख्यमंत्री की बड़ी बैठक
बता दें शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकारी कर्मचारी संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। बैठक में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA), लंबित भुगतान, प्रशासनिक सुधार, भर्ती प्रक्रिया और राज्य की वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप बकाया भुगतान का विषय भी एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद पहला बड़ा विस्तार
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में फलता विधानसभा सीट पर जीत के बाद पार्टी का आंकड़ा 208 तक पहुंच गया।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि शपथ ग्रहण के बाद किन नेताओं को कौन-सी जिम्मेदारी मिलती है और नई सरकार प्रशासनिक मोर्चे पर किस तरह की प्राथमिकताएं तय करती है।

