Thursday, September 17, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsएमपी में हर सोमवार कलेक्टरों को देना होगा काम का हिसाब, जन...

एमपी में हर सोमवार कलेक्टरों को देना होगा काम का हिसाब, जन विश्वास पोर्टल पर दर्ज होगी जिले की पूरी रिपोर्ट

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय में जन विश्वास अभियान पोर्टल लॉन्च किया। अब अभियान के तहत जिलों में किए जा रहे काम, अधिकारियों के दौरे, जनसंवाद, शिकायतों के निराकरण और नवाचारों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। कलेक्टरों को हर सोमवार तक पिछले सप्ताह की पूरी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। संभागायुक्त इसकी नियमित निगरानी करेंगे।

एक महीने में 5.64 लाख सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण

प्रदेश में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और अधिकारियों की मैदानी सक्रियता बढ़ाने के लिए 7 अगस्त 2026 से जन विश्वास अभियान शुरू किया गया था। अभियान के चार सप्ताह पूरे होने के बाद सरकार के अनुसार, पहले महीने में 5 लाख 64 हजार से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया। वहीं, लोक सेवा गारंटी के तहत दर्ज 8 लाख 6 हजार से अधिक आवेदनों का भी समाधान किया जा चुका है।

अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और अधिकारी सप्ताह में एक दिन मैदानी क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं के निराकरण की कोशिश कर रहे हैं।

हर सोमवार अपलोड करनी होगी जिले की रिपोर्ट

जन विश्वास पोर्टल पर प्रत्येक जिले की साप्ताहिक गतिविधियों और उपलब्धियों का रिकॉर्ड दर्ज होगा। शुक्रवार तक किए गए कार्यों की जानकारी संबंधित कलेक्टर को अगले सोमवार तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

संभागायुक्त यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी जिलों की रिपोर्ट निर्धारित समय पर पोर्टल पर अपडेट हो। इसके बाद उच्च स्तर पर इन रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी।

अधिकारियों के दौरे से लेकर जनसंवाद तक की जानकारी होगी दर्ज

पोर्टल पर अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद, इंफ्लुएंसर संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा नीतिगत और राज्य स्तरीय विषयों, अभियान के दौरान जारी महत्वपूर्ण निर्देशों, प्रमुख सुझावों और जिले में किए गए नवाचारों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।

ऐसे नवाचार, जिन्हें दूसरे जिले भी लागू कर सकते हैं, उनकी जानकारी भी पोर्टल पर साझा की जाएगी।

हर गतिविधि के साथ फोटो अपलोड करना जरूरी

पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली गतिविधियों के साथ संबंधित फोटो भी अपलोड करनी होगी। यूजर मैनुअल के अनुसार फोटो का आकार अधिकतम 1 एमबी होना चाहिए। फोटो JPG, JPEG या PNG फॉर्मेट में अपलोड की जा सकेगी।

फोटो ऐसी होनी चाहिए, जिससे संबंधित गतिविधि का स्पष्ट रूप से प्रतिनिधित्व हो सके। यह व्यवस्था भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के लिए लागू होगी।

700 शब्दों में देना होगा कार्रवाई का विवरण

अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण और विभिन्न संवाद कार्यक्रमों की पूरी कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। बैठक या संवाद के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश और सुझाव भी बिंदुवार दर्ज किए जाएंगे।

इन गतिविधियों का पूरा विवरण अधिकतम 700 शब्दों में दर्ज किया जा सकेगा।

जनसंवाद में कितने लोग पहुंचे, शिकायत क्या मिली-सब रिकॉर्ड होगा

जनसंवाद के मॉड्यूल में कार्यक्रम की तारीख, नेतृत्व करने वाले अधिकारी का नाम और संवाद का स्थान दर्ज करना होगा। साथ ही कार्यक्रम में शामिल नागरिकों की अनुमानित संख्या और उनके द्वारा बताई गई समस्याओं या शिकायतों की जानकारी भी अपलोड करनी होगी।

इसके साथ पूरी कार्रवाई और अधिकारियों की ओर से दिए गए प्रमुख निर्देश व सुझाव भी दर्ज किए जाएंगे।

उद्यमियों और इंफ्लुएंसर्स से संवाद का भी बनेगा रिकॉर्ड

सरकार ने पोर्टल में केवल आम जनता से जुड़े कार्यक्रमों को ही शामिल नहीं किया है। इसमें उद्यम संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद के लिए भी अलग मॉड्यूल तैयार किया गया है।

उद्यम संवाद में शामिल उद्यमियों की अनुमानित संख्या, कार्यक्रम का स्थान और चर्चा की पूरी जानकारी दर्ज होगी। इसी तरह इंफ्लुएंसर संवाद में शामिल लोगों की संख्या, स्थान और कार्यक्रम की कार्रवाई का विवरण अपलोड करना होगा। दोनों गतिविधियों के प्रमुख निर्देश, सुझाव और फोटो भी पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे।

राज्य स्तर पर समन्वय वाले मामलों की होगी पहचान

सभी संबंधित विभागों को पोर्टल की मॉनिटरिंग के लिए लॉगिन आईडी दी जा रही हैं। कलेक्टरों द्वारा हर सप्ताह दर्ज की जाने वाली जानकारी की उच्च स्तर पर समीक्षा होगी।

इस व्यवस्था के जरिए ऐसे मामलों को अलग से चिह्नित किया जा सकेगा, जिनके समाधान के लिए राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जरूरत है। इससे जिलों की समस्याओं और उनके समाधान की प्रक्रिया पर सरकार की सीधी निगरानी मजबूत होगी।

दूसरे जिलों में भी लागू हो सकेंगे सफल प्रयोग

जन विश्वास पोर्टल पर जिलों के प्रमुख नवाचारों और बेहतर कामों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। ऐसे प्रयोग, जिन्हें दूसरे जिलों में लागू किया जा सकता है, उन्हें बुलेट पॉइंट में साझा किया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में किए जा रहे अच्छे कार्यों और नए प्रयोगों को दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

13 to 19 September 2026
6 to 12 September 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन