भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2027 को युवा वर्ष घोषित करने के बाद प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना एक नए मुकाम पर पहुंचने जा रही है। 2007 में बेटी के जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू हुई यह योजना अब बेटियों को उच्च शिक्षा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सबसे बड़ा जरिया बन गई है। प्रदेश की 54 लाख 32 हजार से ज्यादा लाड़ली लक्ष्मियों के लिए 2027 नई संभावनाओं का साल होगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि हर पात्र बेटी को समय पर छात्रवृत्ति और परिपक्वता राशि मिलना सुनिश्चित किया जाए।
2027 में क्यों है खास? 2007 वाली लाड़लियां अब बनेंगी युवा
समीक्षा बैठक में बताया गया कि 2027 इस योजना के लिए सबसे अहम साल है। 2006-2007 में जन्मी और पंजीकृत बेटियां अब 21 साल की उम्र पूरी करने जा रही हैं। शर्तें पूरी करने पर इन्हें एक लाख रुपये की एकमुश्त परिपक्वता राशि मिलेगी।
पात्रता क्या है?
कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल होना और शादी होने की स्थिति में वैध न्यूनतम उम्र का पालन करना जरूरी है। भुगतान के लिए सुपरवाइजर से लेकर कलेक्टर स्तर तक सत्यापन की व्यवस्था है। मंत्री ने अधिकारियों को दस्तावेज सत्यापन समय पर करने के निर्देश दिए हैं ताकि भुगतान में देरी न हो।
अब तक 16 लाख बेटियों को 1179 करोड़ की छात्रवृत्ति
योजना के तहत अब तक 54 लाख 32 हजार 45 बेटियों का पंजीयन हो चुका है। इनमें से 16 लाख 7 हजार बेटियों को कुल 1179.33 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।
- कक्षा 6वीं में प्रवेश पर – 2,000 रुपये
- कक्षा 9वीं में – 4,000 रुपये
- कक्षा 11वीं और 12वीं में – 6-6 हजार रुपये
इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी 2.0 के तहत स्नातक या प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाती है।
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अब बढ़ेगी राशि? सरकार के सामने नया प्रस्ताव
बेटियों को मिलने वाली मदद बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार है।
- आश्वासन प्रमाण-पत्र 1.43 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये
- कक्षा 6वीं की छात्रवृत्ति 2 हजार से 5 हजार, 9वीं में 4 हजार से 8 हजार, 11वीं में 6 हजार से 10 हजार और 12वीं में 6 हजार से 12 हजार रुपये
- उच्च शिक्षा प्रोत्साहन 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये
- 21 साल पर मिलने वाली राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये
फिलहाल ये प्रस्तावित दरें हैं, मंजूरी के बाद ही लागू होंगी।
1801 करोड़ का बजट, 1167 करोड़ खर्च
सरकार ने 2026-27 के लिए योजना में 1801 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसमें से 12 अक्टूबर 2026 तक 1167 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बैठक में सचिव जी. वी. रश्मि और आयुक्त संदीप जी. आर. मौजूद रहे।

