दतिया: दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद पहली बार पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को दतिया पहुंचे। उनके पहुंचते ही समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने नरोत्तम मिश्रा के स्वागत में ‘देखो-देखो शेर आया, शेर आया’ के नारे लगाए।
नरोत्तम मिश्रा के दतिया पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय कार्यकर्ता उनके आसपास जमा हो गए। इस दौरान समर्थकों ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की। नरोत्तम मिश्रा ने भी समर्थकों की ओर इशारा किया, जिसके बाद ‘भाजपा जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे।
उपचुनाव के बाद पहली बार दतिया पहुंचे
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट नहीं मिलने के बाद मिश्रा समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली थी और जुलाई में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
उपचुनाव के नतीजों में कांग्रेस के कुंवर घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को करीब 6 हजार वोटों से हराया था। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा संगठन ने दतिया जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था और पार्टी स्तर पर हार की समीक्षा भी शुरू हुई।
टिकट कटने पर समर्थकों ने किया था जोरदार विरोध
उपचुनाव से पहले भाजपा द्वारा नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद दतिया में उनके समर्थकों ने खुलकर नाराजगी जताई थी। समर्थकों ने भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चक्काजाम भी किया था। इस दौरान कई भाजपा पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई थीं।
हालांकि, नरोत्तम मिश्रा ने उस समय कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की थी और बाद में पार्टी के फैसले के साथ खड़े रहने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी सोच-समझकर फैसले लेती है और वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
हार के बाद भाजपा में संगठनात्मक बदलाव
दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर दतिया जिला भाजपा की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई। इसके बाद चुनाव में संभावित भीतरघात और संगठनात्मक कमियों को लेकर समीक्षा की चर्चा तेज हुई।
ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच नरोत्तम मिश्रा का दतिया पहुंचना और समर्थकों का जोरदार स्वागत स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। समर्थकों की नारेबाजी से यह भी संकेत मिला कि चुनावी हार के बावजूद दतिया में नरोत्तम मिश्रा का व्यक्तिगत जनाधार और समर्थकों के बीच उनकी पकड़ अब भी कायम है।

