बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष 10 नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण किया। नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार पुलिस के हवाले किए। सरकार की सख्त कार्रवाई और पुनर्वास नीति का यह बड़ा असर माना जा रहा है। आत्मसमर्पित माओवादी दल में 4 महिला नक्सलवादी भी शामिल हैं। जो विभिन्न जिलों में हिंसा, धमकी, लूट और हथियारबंद वारदातों में शामिल होने के आरोप थे।
आत्मसमर्पण हथियार
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलवादियों ने पुलिस के समक्ष भारी मात्रा में हथियार भी सौंपे। इनमें शामिल हैं-
- AK-47 राइफल – 02
- इंसास राइफल – 02
- SLR – 01
- सिंगल शॉट राइफल (SSR) – 02
- BGL सेल – 07
- वॉकी-टॉकी – 04
सरकार की नीतियों का असर
बालाघाट क्षेत्र लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का केंद्र रहा है, लेकिन पिछले दो वर्षों में लगातार दबाव, विकास योजनाओं की पहुंच और पुनर्वास नीति के चलते नक्सलियों का हौसला कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि- सरकार की प्राथमिकता प्रदेश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है, और यह आत्मसमर्पण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
10 आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम
- सुंदेश उर्फ कबीर उर्फ सोमला सोड़ी पिता उंगा सोड़ी
- टेको उर्फ ओड़ी उर्फ समयल पिता समरु ओड़ी
- लालसिंग मरकाम उर्फ मंगरा उर्फ भोमा
- शिलरी मरपी पिता योगा मरपी
- सती उर्फ सावित्री अलामी पिता लख्मू माता चिन्को
- नविन मुंगेर उर्फ हिद्मा पिता नागा माता बीगे
- जयश्री उर्फ ललिता ओझम पिता समखु माता देवे
- विक्रम उर्फ हिद्मा वड्डी पिता लक्ष्मा माता पीपे
- जरीन उर्फ भूमिया मुक्का पिता अंरदन माता कोंसेरी
- समर उर्फ मंगल उर्फ अबु अवतार पिता समु माता सुमरी
आगे की कार्यवाही जारी
मध्य प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य की पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा, आवास, उपचार और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


