Wednesday, November 4, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsजबलपुर के कछपुरा मालगोदाम में प्रदूषण पर NGT सख्त, रेलवे और प्रदूषण...

जबलपुर के कछपुरा मालगोदाम में प्रदूषण पर NGT सख्त, रेलवे और प्रदूषण बोर्ड को नोटिस

जबलपुर: जिले के कछपुरा रेलवे मालगोदाम में प्रदूषण का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT पहुंच गया है। खाद्यान्न के अलावा सीमेंट, कोयला, खाद और आयरन ओर की लोडिंग-अनलोडिंग से हो रहे प्रदूषण पर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पश्चिम मध्य रेलवे को नोटिस जारी किया गया है।

एनजीटी ने दोनों विभागों से जवाब मांगा

नागरिक उपभोक्ता मंच की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने दोनों विभागों से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप है कि कछपुरा रेलवे मालगोदाम पर खाद्यान्न की लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति के बावजूद सीमेंट, कोयला, खाद और आयरन ओर का कारोबार भी किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण फैल रहा है।

मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2027 को होगी

एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मालगोदाम की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण करने और वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI की जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2027 को होगी। निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जांच रिपोर्ट में प्रदूषण को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित विभाग क्या जवाब देते हैं।

दरअसल, कछपुरा मालगोदाम में केवल खाद्यान्न की लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति है, लेकिन यहां लंबे समय से अन्य सामग्री का भी परिवहन किया जा रहा है। इससे उड़ने वाली धूल और अन्य प्रदूषणकारी तत्वों का असर आसपास की रिहायशी कॉलोनियों पर पड़ रहा है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इससे करीब 50 हजार लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

ये भी पढ़ें: निर्मला सप्रे की विधायकी पर दो महीने में फैसला, सुप्रीम कोर्ट का तोमर को निर्देश

प्रदूषण रोकने के निर्देशों का पालन नहीं होने का आरोप

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रभात यादव ने बताया कि मालगोदाम में प्रदूषण रोकने के लिए पहले भी एनजीटी ने निर्देश दिए थे। 7 अप्रैल 2025 के आदेश में वाहनों के परिवहन, सामग्री के भंडारण और शेड से लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था के साथ पानी का छिड़काव करने जैसे उपायों के पालन को कहा गया था।

इसके अलावा स्प्रिंकलर लगाने, हरित पट्टी विकसित करने, बाउंड्री बनाने और शेड निर्माण जैसे उपाय भी जरूरी बताए गए थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि रेलवे और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं कराया। इसी आधार पर अवमानना याचिका दायर की गई।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन