हरदा:चेक बाउंस के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त निशांत पुनासे को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त को परिवादी को 17 लाख 32 हजार 27 रुपए प्रतिकर के रूप में एक महीने के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है। राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
व्यावसायिक जरूरत के लिए लिए थे 15 लाख रुपए
न्यायालय में लंबित प्रकरण के अनुसार, निशांत पुनासे ने अपनी व्यावसायिक आवश्यकता के लिए अनिल वैद्य से 15 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले अभियुक्त ने बंधन बैंक, हरदा शाखा का 15 लाख रुपए का चेक जारी किया था। परिवादी ने जब चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाया, तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
कानूनी नोटिस के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
चेक बाउंस होने के बाद परिवादी अनिल वैद्य ने अभियुक्त को कानूनी नोटिस भेजकर राशि का भुगतान करने की मांग की। नोटिस प्राप्त होने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। मामले में केस नंबर SCNIA-86/2025 के तहत कार्रवाई शुरू हुई।
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एक महीने में 17.32 लाख देने का आदेश
दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह, हरदा ने निशांत पुनासे को परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी माना। न्यायालय ने एक वर्ष के कारावास के साथ 15 लाख रुपए की मूल चेक राशि और 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 17,32,027 रुपए परिवादी को एक महीने के भीतर देने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में प्रतिकर राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

