भोपाल। मप्र के कॉलेजों में इस बार छात्र राजनीति का पारा गरमाने वाला है। प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक, नीट परीक्षा की गड़बड़ियों और बढ़ती बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं के गुस्से को भुनाने के लिए कांग्रेस ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। कांग्रेस की छात्र विंग एनएसयूआई नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही पूरे प्रदेश में एक व्यापक ‘ऑनलाइन युवा सदस्यता अभियान’ शुरू करने जा रही है।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसके ठीक बाद, पूरे 11 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए एनएसयूआई के संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी ) ने इस चुनावी प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाते हुए बाकायदा एक हाई-लेवल ‘इलेक्शन कमेटी’ का भी गठन कर दिया है।
डिजिटल होगी सदस्यता और वोटिंग: ऐप हो रहा तैयार
युवाओं को आसानी से जोड़ने के लिए कांग्रेस इस बार पूरी तरह हाई-टेक रुख अपना रही है।
एक महीने का विशेष अभियान: कॉलेज परिसरों में युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए 1 महीने का सघन अभियान चलाया जाएगा।
लॉन्च होगा स्पेशल मोबाइल ऐप: सदस्यता की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है। छात्र घर बैठे सीधे इस ऐप के जरिए संगठन के सदस्य बन सकेंगे।
ऑनलाइन वोटिंग: सदस्यता अभियान खत्म होने के बाद कॉलेज, जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर संगठन के चुनाव होंगे। दिलचस्प बात यह है कि वोटिंग की पूरी प्रक्रिया भी इसी ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ही संपन्न होगी।
चुनावी गाइडलाइन: 27 साल की उम्र सीमा
एनएसयूआई ने इस बार युवाओं को लीडरशिप का असली मौका देने के लिए चुनाव लड़ने की अधिकतम आयु सीमा 27 वर्ष तय की है। इसके तहत आम छात्रों को सीधे विभिन्न पदों पर चुनाव लड़कर छात्र राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने का अधिकार मिलेगा।
’छात्रों के गुस्से’ को सियासी ताकत में बदलने की तैयारी
नीट परीक्षा में हुए हालिया विवाद और देश-प्रदेश में सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं में भारी असंतोष है। कांग्रेस इसी जमीनी मुद्दे को लेकर कॉलेज के नए छात्रों के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
इसके पहले 2015 में हुए थे संगठनात्क चुनाव
एनएसयूआई के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी कहते हैं कि सरकार की बेरूखी को देखते हुए एनएसयूआई पूरे मध्य प्रदेश में अपना संगनात्मक चुनाव कराने जा रही है, ताकि राजनीति में रूचि रखने वाले युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा सके। कांग्रेस ने इसके पहले 2015 में एनएसयूआई के संगठनात्मक चुनाव कराए थे। अब करीब 11 साल बाद कांग्रेस जिला, संभाग और प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक चुनाव कराएगी। इसके लिए चुनाव की प्रक्रिया अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी और एनएसयूआई को निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष और नई टीम मिल जाएगी। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल दो साल होगा। चुनावी प्रक्रिया कॉलेज सत्र शुरू होते ही शुरू कर दी जाएगी।

