जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब मुंबई की ओर से आ रही एक महिला यात्री की बच्ची इमरजेंसी विंडो से अचानक नीचे गिर गई| चलती ट्रेन से डेढ़ साल की मासूम के गिरते ही बोगी में चीख पुकार मच गई और लोगों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका| इसके बाद जो चमत्कार हुआ वो देख लोगों की आंखें फटी रह गईं|
इमरजेंसी विंडो के पास खेल रही थी बच्ची
दरअसल, मुंबई की रहने वाली 26 वर्षीय संजीदा खातून अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ मुजफ्फरपुर से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल जा रही थीं| महिला पवन एक्सप्रेस के लोअर बर्थ पर सफर कर रही थी| ट्रेन कटनी स्टेशन से निकलकर जबलपुर की ओर बढ़ी और रफ्तार पकड़ चुकी थी| इस दौरान संजीदा ने अपनी बेटी को सीट पर बगल में लिटाया था और खुद मोबाइल देखने लगी| इसी दौरान बच्ची सीट पर खेलने लगी और खेलते खेलते इमरजेंसी खिड़की तक पहुंच गई, मां को इसका पता ही नहीं चला|
यात्रियों के मुताबिक इमरजेंसी खिड़की में सामान्य खिड़की की अपेक्षा कम रॉड थीं. बच्ची खिड़की पर खड़े होने की कोशिश कर रही थी इसी दौरान वह बाहर गिर गई. हालांकि, उसे गिरते हुए किसी ने नहीं देखा|
ट्रेन से नीचे गिरी बच्ची, फिर हुआ चमत्कार
बच्ची के अचानक गायब होने पर मां संजीदा रोने लगी| आसपास बैठे यात्रियों ने आशंका जताई कि बच्ची ट्रेन से नीचे गिर गई है, जिसके बाद चीख-पुकार मच गई| इसके बाद यात्रियों ने तुरंत चेन खींचकर ट्रेन रुकवाई| कई यात्री ट्रैक पर उतरकर बच्ची की तलाश में दौड़े. कुछ दूरी पर बच्ची घायल हालत में मिली| उसके सिर और पीठ समेत हाथ-पैर में चोट लगी थी और कई जगह से खून निकल रहा था| लेकिन वह जीवित थी| यात्री बच्ची को उठाकर ट्रेन में वापस लाए और चमत्कार से हैरान थे कि ट्रेन से गिरने के बावजूद उसे कुछ नहीं हुआ|
जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और कमर्शियल विभाग की टीम ने बच्ची को अटेंड किया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया| प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मेडिकल कॉलेज रेफर किया है|
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बच्ची जीवित, लेकिन गंभीर चोटें आईं
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया, घटना कटनी स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद हुई थी| जबलपुर पहुंचने पर बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, वह जीवित है पर गंभीर चोटें आई हैं| मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने के बाद बच्ची की मां ने बताया कि जबलपुर में उनका कोई परिचित नहीं है और बच्ची का आगे का इलाज मुंबई में कराया जाएगा| इसके बाद रेलवे ने मां-बेटी को दूसरी ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना किया।

