नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी रखा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बुलावे पर विपक्षी सांसद कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में इकट्ठा हुए। यहां बैठक और दोपहर के भोजन के बाद सांसद तीन बसों में सवार होकर राजघाट के लिए रवाना हुए। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है और जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन से भी रोका जा रहा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी सांसदों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि करीब 300 सांसद प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें बार-बार रोक रही है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों को जवाब देना होगा। राहुल ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश को हाईजैक करने वालों को सजा मिलेगी।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी सांसद राजघाट जाकर महात्मा गांधी के स्मारक पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर किसी का अधिकार है और विपक्ष अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा।
विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश, राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी
इस आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए राहुल गांधी ने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव से संपर्क किया है। विपक्ष के प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुलाकर आगे की रणनीति तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इंडिया गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा गया है। इसके लिए पहले 2 अक्टूबर और फिर 5 अक्टूबर को पत्र भेजा गया था। विपक्ष राष्ट्रपति के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाना चाहता है।
दूसरी ओर दिल्ली के साथ कई राज्यों में भी विरोध तेज हो गया है। बिहार में महागठबंधन के मार्च के दौरान तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी को पुलिस ने हिरासत में लिया। जयपुर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई नेताओं ने प्रदर्शन किया। जम्मू में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबर सामने आई।
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बीजेपी का पलटवार, राजघाट पर सुरक्षा बढ़ाई गई
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने भी जवाब दिया है। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाकर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं बीजेपी प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर पुलिसकर्मियों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इधर, विपक्षी सांसदों के राजघाट मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राजघाट के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

