नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत मिलने के बाद अब आम लोगों की निगाहें सोना और चांदी के बाजार पर टिक गई हैं। बाजार में चर्चा तेज है कि क्या ईंधन की कीमतों में आई कमी का असर अब बुलियन मार्केट पर भी देखने को मिलेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी की कीमतें सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल से तय नहीं होतीं, लेकिन महंगाई में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत इनके भाव को प्रभावित कर सकते हैं।
पहले जानिए कितनी मिली राहत
हाल ही में निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹3 प्रति लीटर घटा दी है।
वहीं, 1 जुलाई 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की गई है।
नई दरों के अनुसार—
- दिल्ली: ₹1,665 से घटकर ₹1,481.50
- मुंबई: ₹1,617.50 से घटकर ₹1,434
- कोलकाता: ₹1,769 से घटकर ₹1,585.50
- चेन्नई: ₹1,823.50 से घटकर ₹1,640
हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ईंधन और गैस की कीमतों में आई इस राहत के बाद अब लोगों की सबसे बड़ी जिज्ञासा यही है कि क्या सोना और चांदी खरीदना भी जल्द सस्ता हो सकता है।
क्या सोना-चांदी की कीमतों में आएगी नरमी?
कमोडिटी मार्केट के जानकारों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे बनी रहती हैं और इससे वैश्विक महंगाई पर दबाव कम होता है, तो इसका सकारात्मक असर बुलियन मार्केट पर भी पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है। हालांकि इसकी दिशा पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगी।
सोने-चांदी की कीमतें किन बातों से तय होती हैं?
सोना और चांदी की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं—
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold और Silver की कीमतें
- कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव
- अमेरिकी डॉलर इंडेक्स
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
- वैश्विक महंगाई
- युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव
- केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद
- भारत में शादी और त्योहारों के दौरान मांग
खरीदारी करने वालों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें नीचे रहती हैं और वैश्विक बाजार स्थिर रहता है, तो सोना-चांदी के दामों में नरमी देखने को मिल सकती है। ऐसे में शादी या निवेश के लिए खरीदारी करने वाले लोग बाजार पर नजर बनाए रखें।
हालांकि केवल पेट्रोल-डीजल सस्ता होने के आधार पर सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद करना सही नहीं होगा। इनकी कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं।

