नई दिल्ली: अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की दो तस्वीरें वायरल होने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इन तस्वीरों को लेकर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि पुरी पहले कह चुके हैं कि उनकी मुलाकात एपस्टीन से प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थी और वे उससे कभी अकेले नहीं मिले। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं और मुलाकात की परिस्थितियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
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हरदीप पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया था
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।

