भोपाल: दीपावली से पहले मंहगाई भत्ते की मांग पर अडे़ मध्य प्रदेश के 7 लाख 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी अब सरकार से गुहार लगाने बड़े प्रदर्शन की तैयारी में हैं। मध्य प्रदेश के कर्मचारी आज लंच ब्रेक में प्रोटेस्ट के साथ इसकी शुरुआत करेंगे। बीते दस महीने से मंहगाई भत्ते और राहत का इंतजार कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि, एक तरफ केन्द्र की सरकार ने एक करोड़ कामकाजी और रिटायर कर्मचारियों को जनवरी 2026 से मंहगाई भत्ता और मंहगाई राहत दे दी। लेकिन राज्य सरकार के कर्मचारी अब भी इस राहत की बाट जोह रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि, एक तरफ सरकार लाड़ली बहनों पर हर महीने 1834 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। लेकिन सरकारी योजनाओं के लिए दिन रात काम करने वाले कर्मचारियों को मंहगाई राहत के लिए इतना लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की मांग, दीपावली भी आ गई कब होगा ऐलान
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि, पिछले 10 महीने में कई त्योहार आ गए। दीपावली आने वाली है, लेकिन अभी तक सरकार ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को लेकर घोषणा नहीं की है। एक तरफ केंद्र सरकार जहां अपने कर्मचारियों को बोनस दे रही है, वहीं राज्य में महंगाई का सामना करने के लिए महंगाई भत्ता/मंहगाई राहत से कर्मचारी वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि, 10 महीने से 2% महंगाई भत्ता न मिलने पर आज शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय डाक भवन के सामने भोजन अवकाश में दोपहर 1 बजे सरकार से कर्मचारी गुहार लगाएगे। उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार ने अपने एक करोड़ कार्यरत एवं सेवानिवृत्ति कर्मचारियों को जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान की गई है। वहीं, मध्य प्रदेश में कार्यरत 850 अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को केंद्रित तिथि केंद्रीय दर से 2% महंगाई भत्ता प्रदान कर दिया गया है।
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गैस, पेट्रोल, चावल-शक्कर के दाम बढ़े, मंहगाई भत्ता नहीं
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि, प्रदेश में गैस, पेट्रोल, डीजल, दूध, चावल, शक्कर दालें सब मंहगा हो चुका है। उन्होंने मध्य प्रदेश में 7.50 लाख कार्यरत एवं 4.50 लाख सेवानिवृत कर्मचारियों को 2% महंगाई भत्ता महंगाई राहत 58% से बढ़ाकर 60% करने की मांग की है। तिवारी का कहना है कि, मार्च से जून तक घरेलू गैस के दाम में 100 रुपए वृद्धि हो गई है।
वहीं मई में चार बार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों के मूल्यों में भी वृद्धि होने से कर्मचारियों को बढ़ी हुई महंगाई जेब पर भारी पड़ रही है। कर्मचारियों को दो प्रतिशत महंगाई भत्ते में वृद्धि के बाद 10 महीने की एरियर सहित राशि देने पर 700 करोड रुपए का भार आएगा। जबकि हर महीने लाडली बहनों को 1857 करोड़ रुपए का भुगतान कर रही है। सरकार, बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों के घर का बजट गड़बड़ा गया है।

