यूपी/महाराष्ट्र। देश की राजनीति में इस वक्त दो बड़े घटनाक्रम चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश में दल-बदल की अहम चाल और महाराष्ट्र में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर छिड़ी नई राजनीतिक बहस।
कांग्रेस को झटका, सपा को मजबूती
जानकारी अनुसार, उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिसमें वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन ने कांग्रेस से नाता तोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके साथ अपना दल के राजकुमार पाल भी सपा में शामिल हो गए हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह कदम राजनीतिक समीकरणों को नया आकार दे सकता है। सपा लगातार अपने सामाजिक और क्षेत्रीय आधार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान पर बयान से बढ़ा विवाद
वहीं उधर महाराष्ट्र में ऐतिहासिक विरासत को लेकर बयानबाजी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य संग्राम की तुलना टीपू सुल्तान की अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई से की। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। विपक्षी दलों ने इसे ऐतिहासिक तथ्यों की गलत व्याख्या बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि बयान का मकसद स्वतंत्रता संग्राम की साझा विरासत को रेखांकित करना था।


