सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य सरकार के ‘पूना मार्गेम’ अभियान से प्रभावित होकर 26 माओवादी, जिनमें 7 महिलाएं शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी छत्तीसगढ़ की कुख्यात बटालियन, दक्षिण बस्तर, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र में सक्रिय थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये नक्सली कई बड़ी हिंसक घटनाओं में शामिल रह चुके हैं।
पूना मार्गेम अभियान का उद्देश्य हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा, आवास, शिक्षा और रोजगार की सुविधा दी जाएगी।
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चह्वाण ने शेष माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा छोड़कर विकास और शांति का मार्ग अपनाएं। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह आत्मसमर्पण न केवल माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भरोसे और पुनर्वास की नीति बंदूक से ज्यादा असरदार साबित हो रही है


