चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी को लगातार दूसरा बड़ा झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ से निलंबित विधायक और पूर्व IPS कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को इस्तीफा भेजा है।
खास बात यह है कि इससे एक दिन पहले ही AAP के दो अन्य विधायकों – समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। 2 दिन में 3 इस्तीफों से 2027 चुनाव से पहले पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है।
1 नवंबर से प्रभावी होगा इस्तीफा
कुंवर विजय प्रताप ने फेसबुक पोस्ट कर इस्तीफे की जानकारी दी। स्पीकर को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा कि वह 1 नवंबर 2026 से सदन की सदस्यता छोड़ रहे हैं।
साथ ही उन्होंने AAP से भी पूरी तरह नाता तोड़ लिया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा को पत्र लिखकर पार्टी के सभी प्रारूपों से तत्काल इस्तीफा देने की बात कही, जिसकी प्रति राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी भेजी है।
जनता के नाम संदेश, गिनाए मुद्दे
इस्तीफे के बाद उन्होंने अमृतसर की जनता के नाम संदेश जारी किया। प्यार और समर्थन के लिए आभार जताते हुए उन्होंने पंजाब में नशा, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि विधायक रहते हुए उन्होंने 90% लक्ष्य पूरे किए और VIP कल्चर खत्म करने की कोशिश की।
बेअदबी और फायरिंग कांड से जुड़ा रहा नाम
कुंवर विजय प्रताप 2015 के बेअदबी और कोटकपूरा-बहबल कलां पुलिस फायरिंग कांड की जांच करने वाली SIT का हिस्सा रहे हैं। विधायक बनने के बाद भी वह विधानसभा में इन मामलों में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे।
2025 में हुए थे 5 साल के लिए निलंबित
जून 2025 में AAP ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 5 साल के लिए निलंबित कर दिया था। बताया जाता है कि अकाली नेता बिक्रम मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई पर सवाल उठाने और जहरीली शराब से 20 मौतों के मामले में सरकार की आलोचना के बाद पार्टी ने यह कदम उठाया था।
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कौन हैं कुंवर विजय प्रताप
वे पंजाब पुलिस में IG रैंक तक रहे। 2021 में VRS लेकर AAP में शामिल हुए और 2022 में अमृतसर नॉर्थ से पहली बार विधायक बने।
क्या BJP में जाएंगे?
उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उनके BJP में शामिल होने की चर्चा है, हालांकि उन्होंने कहा है कि आगे की रणनीति जनता से बातचीत के बाद तय करेंगे। उन्होंने ‘पंजाब फर्स्ट’ को प्राथमिकता बताया है। अब नजर स्पीकर द्वारा इस्तीफा मंजूर करने और उपचुनाव की प्रक्रिया पर है।

