भोपाल: राजधानी भोपाल के छोटे तालाब में स्वच्छता और संरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटे तालाब में घोड़ों को नहलाने का मामला सामने आया है। तालाब के पानी में घोड़ों को उतारकर नहलाने से पानी के दूषित होने की आशंका जताई जा रही है। छोटे तालाब में बड़ी संख्या में लोग रोजाना पहुंचते हैं ऐसे में तालाब के पानी की स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन तालाब में घोड़ों को नहलाए जाने से झील संरक्षण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर निगम का झील संरक्षण प्रकोष्ठ भोपाल के माध्यम से जिलों को संरक्षित करने के निरंतर प्रयास किए जाते हैं। करोड़ों रुपए का बजट इस व्यवस्था पर खर्च होता है भारी भरकम महकमा नगर निगम कार्यालय के अंदर संचालित है जिसकी आयुक्त द्वारा प्रतिमाह समीक्षा की जाती है और झील संरक्षण जो कि भोपाल के जीवनदायनी तालाब कहलाते हैं। ऐसी स्थिति में इन तालाबों के पानी को प्रदूषित करने का मामले को लेकर जांच की बात की जा रही है परंतु नगर निगम ऐसे मामलों और घोटाले में सिर्फ जांच की बात करता है लेकिन नतीजा शून्य ही रहता है।
छोटे तालाब में घोड़े को नहलाने का वीडियो
भोपाल नगर निगम अजब गजब है। जहां तालाब की साफ सफाई का बड़े स्तर पर दावा किया जाता है। वहीं तलाब की स्वच्छता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। छोटे तालाब के पानी में घोड़े को नहालाने वाली तस्वीरें सामने आई है। शाम के समय कुछ लोग तालाब के पानी में घोड़ों को नहलाते नजर आए। आखिर जब घोड़े को तालाब में उतारा जा रहा था, तब निगरानी करने वाले कहां थे, ये भी बड़ा सवाल है।घोड़े के तालाब में उतरने से पानी में मिट्टी और गंदगी के साथ अन्य प्रदूषक तत्व मिल सकते हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
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झील संरक्षण अधिकारी ने कही जांच कराने की बात
मामला सामने आने के बाद झील संरक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारी संतोष गुप्ताने जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि तालाब में घोड़ों को नहलाए जाने की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जरूरत इस बात की है कि छोटे तालाब की स्वच्छता और संरक्षण के लिए निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, ताकि तालाब में किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि न हो जो उसके पानी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए।

