Thursday, September 17, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsRBI ने ₹7 लाख करोड़ के VRRR ऑक्शन का किया ऐलान, बैंकिंग...

RBI ने ₹7 लाख करोड़ के VRRR ऑक्शन का किया ऐलान, बैंकिंग सिस्टम की अतिरिक्त नकदी सोखेगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में बढ़ी अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए 7 लाख करोड़ रुपये के 30-दिवसीय वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) ऑक्शन की घोषणा की है। यह ऑक्शन 7 सितंबर 2026 को होगा। इसमें बैंक अपनी अतिरिक्त रकम RBI के पास पार्क कर सकेंगे। इन फंड की निर्धारित वापसी 7 अक्टूबर को होगी।

RBI के मुताबिक, 3 सितंबर तक बैंकिंग सिस्टम में करीब 10.32 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त लिक्विडिटी थी। इसी अतिरिक्त नकदी को प्रबंधित करने के लिए केंद्रीय बैंक ने लंबी अवधि का VRRR ऑपरेशन करने का फैसला किया है।

NRI डिपॉजिट से बढ़ी रुपये की लिक्विडिटी

बैंकिंग सिस्टम में नकदी बढ़ने की एक प्रमुख वजह RBI की विशेष विदेशी मुद्रा जमा योजना रही। इस योजना के तहत बैंकों ने करीब 127.23 अरब डॉलर जुटाए। इन विदेशी मुद्रा जमाओं का RBI के साथ स्वैप होने के बाद बैंकिंग सिस्टम में रुपये की लिक्विडिटी बढ़ी।

इससे बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। 3 सितंबर को यह करीब 9.7 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि 3 सितंबर के आसपास के आंकड़ों में यह करीब 10.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

VRRR में पैसा रखना बैंकों की पसंद पर निर्भर

VRRR के तहत RBI बैंकों से अतिरिक्त रकम तय अवधि के लिए स्वीकार करता है। यह स्थायी रूप से पैसा जब्त करने की कार्रवाई नहीं है। बैंक अपनी उपलब्ध अतिरिक्त नकदी में से कितनी रकम इस ऑक्शन में रखना चाहते हैं, उस पर फैसला करते हैं।

इस बार RBI ने 30 दिन की अवधि वाला ऑपरेशन रखा है। साथ ही बैंकों को समय से पहले पूरी या आंशिक रकम वापस लेने का विकल्प भी दिया गया है। इसका उद्देश्य बैंकों को अतिरिक्त नकदी RBI के पास रखने के लिए अधिक लचीलापन देना है।

मनी मार्केट की दरों पर भी पड़ा असर

बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी बढ़ने का असर अल्पकालिक मनी मार्केट दरों पर भी दिखाई दिया है। RBI के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 3 सितंबर को कॉल मनी रेट 4.20 से 5.10 प्रतिशत के दायरे में था, जबकि RBI की पॉलिसी रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है।

RBI का यह कदम बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त लिक्विडिटी को अस्थायी रूप से कम करने और अल्पकालिक ब्याज दरों को मौद्रिक नीति के अनुरूप बनाए रखने की दिशा में है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

13 to 19 September 2026
6 to 12 September 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन