मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। RBI ने देश की तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों के लिए विशेष डॉलर सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। यह व्यवस्था 12 अक्टूबर से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
इस सुविधा का लाभ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन को मिलेगा। इन कंपनियों को कच्चा तेल खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर की जरूरत पड़ती है।
तेल कंपनियों को सीधे मिलेगी डॉलर की सुविधा
RBI की नई व्यवस्था के तहत तीनों सरकारी तेल कंपनियों को निर्धारित बैंकों के माध्यम से डॉलर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कंपनियों को अपनी रोजाना की विदेशी मुद्रा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसका असर भारत के आयात खर्च पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है।
रुपये में गिरावट से बढ़ी चिंता
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 97 रुपये के स्तर के करीब पहुंच गया है। रुपये में लगातार कमजोरी आने से आयात महंगा हो सकता है। इसका असर पेट्रोलियम उत्पादों के साथ दूसरी आयातित वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में तेल कंपनियों की डॉलर मांग को अलग व्यवस्था से पूरा करने का फैसला विदेशी मुद्रा बाजार पर दबाव कम करने में मदद कर सकता है।
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आम लोगों पर क्या होगा असर?
RBI के इस कदम से पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत कम होंगी, ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि, डॉलर की उपलब्धता बेहतर होने से तेल कंपनियों को भुगतान करने में आसानी होगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर रुपये में स्थिरता आती है तो आयात की लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की स्थिति पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

