मुंबई। भारत के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक(RBI)ने अपनी ताज़ा मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखने का फैसला लिया है। इस निर्णय से आम लोगों को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि होम लोन, कार लोन और अन्य EMI पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा।
क्या होता है रेपो रेट?
आपको बता दें रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI, बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर बढ़ती है तो बैंकों के लिए पैसा महंगा हो जाता है, जिसका असर सीधे ग्राहकों की EMI पर पड़ता है। वहीं, रेपो रेट स्थिर रहने से ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहती है।
आम जनता पर असर
बता दें रेपो रेट में कोई बदलाव न होने से आम जनता को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि होम लोन और कार लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। नए लोन लेने वालों को स्थिर ब्याज दर का फायदा मिलेगा, वहीं पुराने फ्लोटिंग रेट लोन वाले ग्राहकों के लिए भी राहत जारी रहेगी, जिससे उनकी मासिक किस्तों पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा।
जानकारी के अनुसार, RBI ने यह फैसला महंगाई दर और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। हाल के महीनों में महंगाई नियंत्रण में रही है, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए RBI ने सतर्क रुख अपनाया है। RBI के इस फैसले से बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता बनी रहेगी। शेयर बाजार में सकारात्मक संकेत देखने को मिल सकते हैं और रियल एस्टेट सेक्टर को भी राहत मिलेगी।

