लंदन। ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य रहे Prince Andrew की गिरफ्तारी ने एक बार फिर एपस्टीन प्रकरण को सुर्खियों में ला दिया है। 66वें जन्मदिन के मौके पर हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक और संवैधानिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। आरोप सार्वजनिक पद के दुरुपयोग से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि उनका नाम पहले से ही एपस्टीन फाइल्स में सामने आता रहा है।
बकिंघम पैलेस का आधिकारिक बयान
गिरफ्तारी के बाद Charles III की ओर से जारी बयान में “गंभीर चिंता” जताई गई, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया गया कि न्यायिक प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से चलेगी। बकिंघम पैलेस ने कहा कि शाही परिवार जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करेगा और किसी भी प्रकार की विशेष रियायत की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।
पहले ही छीनी शाही उपाधियां
सूत्रों के मुताबिक प्रिंस एंड्रयू से उनकी अधिकांश शाही उपाधियां और आधिकारिक जिम्मेदारियां पहले ही वापस ले ली गई थीं। उन्हें सार्वजनिक जीवन से अलग कर दिया गया था और वह निजी नागरिक के रूप में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। पिछले वर्ष लंबी आंतरिक समीक्षा के बाद उनसे “प्रिंस” संबोधन का औपचारिक उपयोग भी सीमित कर दिया गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कानून के समक्ष सभी बराबर हैं। उन्होंने कहा था कि यदि किसी के पास मामले से संबंधित जानकारी है, तो उसे संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करना चाहिए।


