कीव: यूक्रेन में रूस के हवाई हमले लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं। दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में सोमवार को रूसी सेना ने एक राहत केंद्र को निशाना बनाया। इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो राहतकर्मी और चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हमले की पुष्टि करते हुए रूस पर तनाव कम करने की कोशिश नहीं करने का आरोप लगाया है।
जेलेंस्की के मुताबिक, हमला कोमिशुवाखा बस्ती में हुआ। यहां एक स्थानीय स्कूल में राहत सामग्री बांटने का केंद्र संचालित किया जा रहा था। इसके पास ही लोगों के लिए आश्रय स्थल भी था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हमले को बेहद भयावह बताया।
पांच दिन पहले रेलवे स्टेशन पर हुआ था हमला
यूक्रेन में यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पांच दिन पहले 29 अक्टूबर को द्नीप्रो शहर के एक रेलवे स्टेशन पर ड्रोन हमला किया गया था। इस हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रहे हमलों से यूक्रेन में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप
यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। इनमें दुकानों, रसद व्यवस्था से जुड़े केंद्रों और रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया जा रहा है। ये हमले ऐसे समय हो रहे हैं, जब पिछले महीने रूसी सेना को युद्ध के मोर्चे पर रिकॉर्ड नुकसान उठाना पड़ा और कुछ इलाकों से पीछे भी हटना पड़ा।
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सितंबर में नागरिकों की मौत 85 प्रतिशत बढ़ीं
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में यूक्रेन में नागरिकों की मौत के आंकड़े में 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रूस की ओर से फरवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू किए जाने के बाद सितंबर में उस महीने के लिए सबसे ज्यादा नागरिकों की मौत दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में हुए हमलों में आधे से अधिक नागरिक मौतों के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन हमले जिम्मेदार रहे। लगातार बढ़ते हमलों ने यूक्रेन में मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है।

