सीहोर: रेलवे स्टेशन पर भटकती मिली नाबालिग बालिका को घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी की पत्नी को भी अपराध में सहयोग करने और पीड़िता को चुप रहने के लिए कहने पर पांच साल की कठोर कैद भुगतनी होगी। अदालत ने पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश भी दिया है।
स्कूल से लापता हुई थी बालिका
अभियोजन के अनुसार, 23 जनवरी 2025 को पीड़िता की मां ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी बहन के साथ स्कूल गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद वह घर लौट आई, जबकि उसकी कक्षा शाम चार बजे तक थी। इसके बाद वह घर नहीं पहुंची।
बेटी के लापता होने पर मां ने बड़ी बेटी को स्कूल भेजकर जानकारी जुटाई। वहां पीड़िता का बैग मिला, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। परिजनों ने आसपास के इलाकों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया।
रेलवे स्टेशन पर मिली आरोपी की पत्नी
विवेचना के दौरान 3 फरवरी 2025 को पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब किया। उसके बयान के मुताबिक, वह बिना बताए घर से निकल गई थी। स्कूल में बैग नहीं मिलने से घबराकर वह सीहोर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए भोपाल पहुंची और फिर वापस सीहोर लौट आई।
स्टेशन पर उसकी मुलाकात वीर नाम के 8 से 10 साल के बच्चे से हुई। उसके साथ रात बिताने के लिए वह सरकारी अस्पताल पहुंची। वहां से बच्चे की मां उसे अपने घर ले गई।
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आरोपी ने किया दुष्कर्म, पत्नी ने छिपाई बात
अभियोजन के मुताबिक, आरोपी संजू कौशल ने रात में पीड़िता के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। दो-तीन दिन बाद सोते समय उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने जब आरोपी की पत्नी पूजा कौशल को इसकी जानकारी दी तो उसने किसी को कुछ बताने से मना किया।
पुलिस ने 5 फरवरी 2025 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पीड़िता की उम्र प्रमाणित करने के लिए स्कूल की स्कॉलर पंजी, जन्मतिथि प्रमाणीकरण और प्रवेश फार्म की सत्यापित प्रतियां जुटाई गईं। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोगपत्र न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपी को उम्रकैद, पत्नी को दो मामलों में कैद
विशेष न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर की पॉक्सो अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों और मौखिक तर्कों से सहमत होकर संजू कौशल को पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वहीं, पूजा कौशल को बीएनएस की धारा 96 के तहत पांच वर्ष और धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया। दोनों धाराओं में कुल 4500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश दिया है।
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आशीष त्यागी ने मामले में पैरवी की।

