किरनापुर/बालाघाट: मध्य प्रदेश के किरनापुर क्षेत्र से जनसेवा और जागरूकता से जुड़ी एक सराहनीय तस्वीर सामने आई है। शासन के निर्देशों के तहत केंद्र क्रमांक 03 में तीन दिवसीय ‘सेवा संकल्प अभियान’ एवं ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा बच्चों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करना रहा।
ग्रामीण अंचलों में अक्सर शासन की योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजित किए गए इस अभियान के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्र को केवल बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं तक सीमित न रखते हुए जनजागरूकता और सीधे संवाद का माध्यम बनाया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से उनकी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित जानकारी को लेकर चर्चा की गई तथा उन्हें उपलब्ध शासकीय योजनाओं के बारे में समझाया गया।
परियोजना अधिकारी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
30 सितंबर 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को किरनापुर की परियोजना अधिकारी अमृता खजूर मैडम के कुशल मार्गदर्शन में तैयार किया गया। वहीं, सेक्टर पर्यवेक्षक मंजूषाला बिसेन मैडम की निगरानी में कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से जमीन पर उतारा गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अमले और आंगनवाड़ी टीम के बीच समन्वय देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया।
जनप्रतिनिधियों की भी रही सक्रिय भागीदारी
‘आंगन मिलन सेवा’ संपर्क कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में ग्राम की सरपंच धर्मकला बाई जे. पी. रामटेके, उपसरपंच रोशनी उपाध्या, महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपा अग्रवाल, नामदेव गुद्रेस एवं श्रीमती पिंकी सारड़ा विशेष रूप से मौजूद रहीं।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं का उत्साह भी बढ़ा। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से सीधा संपर्क स्थापित करते हुए उन्हें शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी देने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में जागरूक किया गया।
लाड़ली बहना से लेकर मातृ वंदना योजना तक की जानकारी
कार्यक्रम में महिलाओं को कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रमुख रहीं।
महिलाओं को बताया गया कि शासन द्वारा महिलाओं, गर्भवती माताओं, धात्री माताओं और बच्चों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं की जानकारी होने के साथ-साथ उनका लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया।
गर्भवती और धात्री माताओं से किया गया सीधा संवाद
कार्यक्रम में मौजूद हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद को विशेष महत्व दिया गया। निधि मेरगुडे, पूर्णिमा नागपुरे, ज्योति मेश्राम, शालिनी रेंगारे, दीपिका नागवंशी और ज्योति पाँचे सहित कई गर्भवती एवं धात्री माताओं से बातचीत की गई।
इस दौरान महिलाओं की आवश्यकताओं और शासन की योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की गई। आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से मिलने वाली सेवाओं तथा महिलाओं और बच्चों के हित में संचालित योजनाओं को लेकर भी जागरूकता बढ़ाई गई।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अलका रामटेके और सहायिका भाग्येश्वरी सिगेंट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर हितग्राहियों से संपर्क और कार्यक्रम के संचालन तक अपनी जिम्मेदारी निभाई।
आंगनवाड़ी केंद्र पर महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी के बीच कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया। ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
महिलाओं और बच्चों की रही बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में पन्नीका वासनिक, उषा मिश्रा, तारा नागपुरे सहित गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। वहीं, बड़ी संख्या में नन्हे-मुन्ने बच्चे भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
बच्चों के बीच भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने को मिला। बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फल और मिठाइयों का वितरण किया गया। इससे कार्यक्रम में मौजूद बच्चों के चेहरे पर भी खुशी देखने को मिली।
सेवा, संवाद और जागरूकता का संदेश
‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में शासन की योजनाओं और आंगनवाड़ी सेवाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें उपलब्ध योजनाओं और सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया गया।

ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर सीधे संवाद का अवसर मिलता है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में भी मदद मिलती है।
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अंत में जताया आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उपस्थित सभी हितग्राही महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
कुल मिलाकर, किरनापुर के केंद्र क्रमांक 03 में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ एवं ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में सेवा, जागरूकता, महिला सहभागिता और बच्चों के उत्साह की तस्वीर देखने को मिली। शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीण महिलाओं तक सीधे पहुंचाने की यह पहल स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई।

