बेंगलूरू। एटीएम बैन में हुई एक डकैती मामले से बरामद सात करोड़ रुपये की नकदी इन दिनों बेंगलूरू पुलिस के लिए सिरदर्द का बन गई है। यह पूरी रकम सिद्दापुर पुलिस थाने में सुरक्षित रखी गई है, जिसकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को दिन-रात चौकसी करनी पड़ रही है।
यह मामला पिछले वर्ष नवंबर का है, जब एटीएम मशीनों में नकदी भरने वाली एक वैन से दिनदहाड़े सात करोड़ रुपये की लूट हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीएमएस कंपनी के पूर्व कर्मचारी जेवियर, गोविंदपुरा पुलिस थाने के आरक्षक अण्णप्पा नाइक और कंपनी के पांच अन्य कर्मचारियों सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों से पूरी लूटी गई रकम भी बरामद कर ली थी। फिलहाल यह राशि पिछले चार महीनों से पुलिस थाने में ही रखी हुई है और अदालत के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
इतनी बड़ी नकदी होने के कारण पुलिसकर्मी विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। रात में गश्त करने वाले कर्मचारियों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ खबरों में यह भी दावा किया गया कि इतनी बड़ी रकम के कारण रात में थाने के मुख्य द्वार को कुछ समय के लिए बंद रखा जाता है, हालांकि अधिकारियों ने इन दावों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि रात में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है और शिकायत दर्ज कराने वालों को ही प्रवेश दिया जाता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अदालत के आदेश तक जब्त की गई संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी होती है, इसलिए पूरी रकम को कड़ी निगरानी में रखा गया है।
थाने में रखे सात करोड़ रुपये बने सुरक्षा चुनौती, चौबीसों घंटे पहरा दे रही पुलिस


