इंदौर: जिले में जलसंकट की चिंता बढ़ने लगी है। शहर के कई तालाबों में जलस्तर काफी नीचे आ गया है। छोटी बिलावली और लिंबोदी तालाब सूख चुके हैं, जबकि पिपल्यापाला और बड़ी बिलावली में भी पानी कम बचा है। दूसरी ओर कई इलाकों में बोरिंग से पानी मिलना कम हो गया है। लोगों को निजी बोरिंग से पानी खरीदना पड़ रहा है या टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
लोग महंगे दामों में पानी खरीदने पर हो रहे मजबूर
कुछ परिवार पानी खरीदने पर हर महीने 1500 रुपए खर्च कर रहे हैं। टैंकर के लिए 2000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। कई लोग रिक्शे में बर्तन रखकर 3 से 4 किलोमीटर दूर अरंडिया गांव से पानी ला रहे हैं।
इधर, हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने शहर के सूख रहे तालाबों तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के प्रस्ताव पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में निर्देश लेने को कहा है।
कुछ स्थानों पर नहीं पहुंचते पानी के टैंकर
वार्ड 35 के तलावली चांदा गांव, बजरंग नगर, रविदास नगर और निरंजनपुर झाडू बस्ती में रहवासी लंबे समय से पानी की परेशानी झेल रहे हैं।
उनका कहना है कि मंत्री तुलसी सिलावट और पार्षद राकेश सोलंकी से शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिक्शे में बर्तन रखकर दूसरे क्षेत्र से पानी लाते हैं। उनका कहना है कि टैंकर भी उनकी गली तक नहीं पहुंचते।
पानी के वितरण की जांच कराने की मांग
कांग्रेस नेता सुभाष सोलंकी के मुताबिक, क्षेत्र में 2015 से 2018 के बीच पानी की टंकी बनाई गई थी। वर्ष 2020 से इसमें पानी आने लगा।
उनका दावा है कि टंकी में करीब 35 लाख लीटर पानी आ रहा है, लेकिन रहवासियों को इसकी सप्लाई नहीं मिल रही। उन्होंने पानी के वितरण की जांच कराने की मांग की है।
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मालवा-गंभीर लाइन से तालाबों तक पानी पहुंचाने की तैयारी
नगर निगम के मुताबिक, मालवा-गंभीर लाइन से पानी लाने को लेकर महापौर और मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। इसके अलावा राऊ से गंभीर की ओर जाने वाली लाइन के जरिए बिलावली, लिंबोदी और पिपल्यापाला तालाबों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

