शिवाजी महाराज–टीपू सुल्तान बयान पर महाराष्ट्र में सियासी भूचाल, विरोध के बीच विवादित इनाम की घोषणा

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महाराष्ट्र। राजनीति इस समय तीखे टकराव के दौर से गुजर रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के एक बयान ने ऐसा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है, जिसने राजनीतिक विमर्श को आक्रामक मोड़ दे दिया है। मामला छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना से जुड़ा है, एक ऐसा विषय जो महाराष्ट्र में भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान

जानकारी अनुसार मालेगांव नगर निगम में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच सपकाल ने कहा कि- जिस तरह शिवाजी महाराज ने स्वराज और साहस का संदेश दिया, उसी तरह टीपू सुल्तान ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवाजी महाराज की वीरता और ऐतिहासिक योगदान अतुलनीय हैं, लेकिन टीपू सुल्तान को भी एक योद्धा के रूप में देखा जाना चाहिए। यही टिप्पणी राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई।

अहिल्यानगर में उग्र प्रदर्शन

वहीं सपकाल के बयान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अहिल्यानगर में जोरदार प्रदर्शन किया। छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल के सामने हुए विरोध कार्यक्रम में कुछ कार्यकर्ताओं ने बेहद विवादित घोषणा की। उन्होने कहा कि- जो भी सपकाल की जीभ काटकर लाएगा, उसे 10 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान उनकी तस्वीर लगाकर ‘जूता प्रदर्शन’ भी किया गया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया तथा कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।

 

 

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