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वैश्विक मंदी के दबाव में भारत सहित एशियाई बाजारों पर असर निवेशकों की सतर्क शुरुआत

मुम्बई। कमजोर वैश्विक संकेतों, एशियाई बाजारों की सुस्ती और अमेरिकी गिरावट की छाया में भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार की शुरुआत निराशाजनक माहौल के साथ की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी और बाजार चौतरफा दबाव में नजर आया।
कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर घरेलू शेयर बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मंगलवार सुबह 9ः23 बजे सेंसेक्स 306 अंक यानी 0.36 प्रतिशत टूटकर 84,907 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 92 अंक या 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,924 पर कारोबार करता दिखा। बाजार की यह सुस्ती निवेशकों के आत्मविश्वास पर असर डालती नजर आई।
शुरुआती कारोबार में आईटी, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर ने गिरावट का नेतृत्व किया। इसके साथ ही ऑटो, रियल्टी, मेटल, एनर्जी, मीडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर भी लाल निशान में फिसलते दिखे। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि एफएमसीजी और डिफेंस सेक्टर हरे निशान में टिके रहे, जिससे बाजार को थोड़ी संभाल मिली।
सेंसेक्स के चुनिंदा शेयरों पर नजर डालें तो भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और टाइटन ने मजबूती दिखाई। वहीं एक्सिस बैंक, इटरनल (जोमैटो), एचसीएल टेक, इन्फोसिस, बीईएल, टाटा स्टील, एलएंडटी, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयर दबाव में रहे।
वृहद बाजार का रुख भी कमजोर रहा। बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या कहीं अधिक थी, जो निवेशकों की सतर्क मानसिकता को दर्शाती है। मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों ही इंडेक्स लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 338 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 59,879 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 115 अंक या 0.59 प्रतिशत टूटकर 17,310 पर आ गया।
एशियाई बाजारों में भी निराशा का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। इससे पहले अमेरिकी बाजार सोमवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसने वैश्विक निवेश भावना को कमजोर किया।
कमोडिटी बाजार भी दबाव में नजर आया। कच्चे तेल के साथ-साथ सोना और चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। सोना 0.46 प्रतिशत कमजोर होकर 4,315 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.30 प्रतिशत गिरकर 62.76 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल सतर्कता और असमंजस के दौर से गुजरता दिख रहा है।

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