जबलपुर; श्रीराम कॉलेज के संचालक करसोलिया पर आम रास्ते पर अवैध निर्माण कराने और खुलेआम गुंडागर्दी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब पीड़ित किसान अभिषेक रैकवार सहित अन्य ग्रामीणों ने निर्माण का विरोध किया और पुलिस को वैध दस्तावेज दिखाए। दस्तावेजों के अवलोकन के बाद ही पुलिस ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवाया।
पीड़ित अभिषेक रैकवार ने बताया कि जब वह अवैध निर्माण को लेकर कॉलेज संचालक करसोलिया से शांतिपूर्वक बात करने कॉलेज पहुंचे, तो संचालक ने न केवल बातचीत से इंकार किया बल्कि बाउंसर बुलवाकर पिटवाने की धमकी तक दे डाली। इस धमकी के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने लगाया आरोप;
ग्रामीणों का आरोप है कि कॉलेज संचालक द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा था, जिससे किसानों और आम नागरिकों का आवागमन बाधित हो रहा है। विरोध करने पर दबाव, धमकी और डराने-धमकाने का सहारा लिया गया।
अभिषेक रैकवार ने पुलिस को बताया कि संबंधित रास्ता वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में है और इसके समर्थन में राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। पुलिस को दस्तावेज दिखाए जाने के बाद ही मौके पर चल रहा निर्माण कार्य रुकवाया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीराम कॉलेज पहले भी कई बार विवादों और अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में रहा है, लेकिन प्रभाव और दबाव के चलते हर बार कार्रवाई अधूरी रह जाती है। लोगों ने आरोप लगाया कि कॉलेज संचालक करसोलिया कानून से ऊपर होने जैसा व्यवहार करता है।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध निर्माण को पूरी तरह हटाया जाए, सार्वजनिक रास्ते को पूर्ववत बहाल किया जाए और कॉलेज संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए


