नई दिल्ली। ग्लोबल बाजार में सोना-चांदी की जबरदस्त गिरावट ने साउथ अफ्रीका के शेयर बाजार को हिला कर रख दिया। छह वर्ष की सबसे बड़ी गिरावट के साथ मिनटों में करोड़ों रुपये डूब गए, जबकि निवेशकों में डर और अनिश्चितता तेज़ी से बढ़ गई।
भारी गिरावट से हिला शेयर बाज़ार
साउथ अफ्रीका का शेयर बाजार सोमवार को अचानक ध्वस्त होता दिखा, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में रिकॉर्ड बिकवाली शुरू हुई। लगातार 11 महीनों की तेजी के बाद आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों को गहरा झटका दिया। रिपोर्ट के अनुसार, ऑल शेयर सूचकांक दिन के कारोबार में ’’लगभग 6.1 प्रतिशत’’ टूट गया, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।
कीमती धातुओं की टूट ने तोड़ी कमर
सोने की कीमत सोमवार को लगभग 10 प्रतिशत गिरकर कुछ समय के लिए 4,400 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि जनवरी में यह ’’5,600 डॉलर प्रति औंस’’ तक चढ़ चुका था। इतने कम समय में आए इस उतार-चढ़ाव ने वैश्विक बाज़ार की हालत बिगाड़ दी।
चांदी की स्थिति और भी खराब रही। सोमवार को इसमें ’’16 प्रतिशत’’ की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि शुक्रवार को ही इसमें ’’26 प्रतिशत’’ की ऐतिहासिक टूट आई थी। लगातार दो कारोबारी सत्रों में यह तेज़ गिरावट निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचा गई।
माइनिंग कंपनियों पर सबसे बड़ा असर
सोना व चांदी की तेज गिरावट का सबसे बड़ा प्रभाव उन देशों पर पड़ा जो खनन व धातु क्षेत्र पर निर्भर हैं। साउथ अफ़्रीका इनमें प्रमुख है, जहां खनन क्षेत्र अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यही कारण है कि एंग्लो-अमेरिकन, इम्पाला प्लेटिनम, सिबाने स्टिलवॉटर जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में एक ही दिन में 17 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई।
निवेशकों में भय और अनिश्चितता
लगातार तेजी के बाद जब इतनी बड़ी गिरावट आती है, तो आमतौर पर निवेशक मुनाफा निकालने और जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हैं। यही वजह है कि माइनिंग कंपनियों में बिकवाली तेज हो गई। बाजार की मौजूदा स्थिति साफ संकेत दे रही है कि यदि कीमती धातुओं में दबाव आगे भी जारी रहा, तो साउथ अफ़्रीका का शेयर बाज़ार आने वाले दिनों में और अधिक ’’अस्थिरता’’ झेल सकता है।
सोना-चांदी की ऐतिहासिक गिरावट से साउथ अफ़्रीकी शेयर बाज़ार धराशायी, मिनटों में डूबे करोड़ों


