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भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

भोपाल: राजधानी भोपाल के रिहायशी इलाकों में घरों को दुकान, कार्यालय और शोरूम के रूप में इस्तेमाल किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्यवाही पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, तब समानांतर जांच के लिए अलग समिति का गठन उचित नहीं है।

सरकार की 10 सदस्यीय कमेटी पर रोक

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय में लंबित मामले की जांच या समीक्षा के लिए अलग से समिति बनाकर प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अदालत ने राज्य सरकार को इस संबंध में कड़ी टिप्पणी करते हुए समानांतर कार्रवाई से बचने के निर्देश दिए।

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हाईकोर्ट के सभी स्टे ऑर्डर रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक और बड़ा फैसला सुनाते हुए विभिन्न अदालतों और हाईकोर्ट से व्यापारियों एवं दुकानदारों को मिले सभी स्टे ऑर्डर तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए।

सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से कहा गया कि वह कार्रवाई करना चाहता है, लेकिन प्रशासनिक और अन्य कारणों से कार्रवाई प्रभावित हो रही है। इस पर अदालत ने सरकार के पक्षकार को फटकार लगाते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

भोपाल के अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़िया कलां समेत कई पॉश और रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में मकानों का उपयोग दुकानों, शोरूम और व्यावसायिक कार्यालयों के रूप में किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या 30 हजार से अधिक है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और सुरक्षा संबंधी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी को लेकर लंबे समय से विरोध और कानूनी लड़ाई चल रही है।

व्यापारियों ने रखी अपनी दलील

वहीं, व्यापारी संगठनों का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है। उनका तर्क है कि पर्याप्त व्यावसायिक स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण कई व्यापारी मजबूरी में रिहायशी भवनों से अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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