सूरत। सूरत SOG पुलिस ने गुजरात पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल करते हुए 5.85 करोड़ रुपये की कीमत का प्रतिबंधित कोबरा सांप का जहर जब्त किया है। पुलिस ने इस मामले में एक गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
‘डमी’ ग्राहक बनकर किया संपर्क
जानकारी अनुसार, सूरत SOG के पीआई ए.पी. चौधरी को सूचना मिली थी, कि एक गिरोह वडोदरा से कोबरा का जहर तस्करी कर सूरत में बेचने के लिए ला रहा है। आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पीआई ने खुद एक ‘डमी’ ग्राहक बनकर उनसे संपर्क किया। पुलिस ने जहर के बदले करोड़ों रुपये देने का झांसा दिया, जिसके लालच में आकर तस्कर सरथाणा इलाके में मीटिंग के लिए तैयार हो गए। जैसे ही गिरोह मीटिंग के लिए पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।

कई तरह से प्रयोग होता है कोबरा सांप का जहर
पकड़े गए इस जहरीले पदार्थ का उपयोग मुख्य रूप से चिकित्सा, नशीले पदार्थों, प्रेशर और रक्त को जमने से रोकने वाली दवाइयों में उपयोग किया जाता है। सांप के काटने के इलाज के लिए बनाई जाने वाली ‘एंटी-वेनम’ दवा में भी इसको प्रयोग में लाया जाता है। कैंसर के इलाज की दवाओं में भी इसका उपयोग शोध के अनुसार किया जाता है। कई हाई-प्रोफाइल ‘रेव पार्टियों’ में नशे के तौर पर भी इस प्रतिबंधित जहर का इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं DCP राजदीप सिंह नकुम ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि- फिलहाल सूरत पुलिस ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर जहर को कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।


