नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास बंद कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान रणधीर (76), शिव नरेश सिंह (47) और लक्ष्मी देवी (40) के रूप में हुई थी। तीनों कार के भीतर संदिग्ध हालात में पाए गए। जांच के दौरान पुलिस ने स्वयंभू ‘मौलाना’ और कथित तांत्रिक कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया।
CCTV और टेक्निकल एविडेंस से खुलासा
सूत्रों अनुसार दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कमरुद्दीन कार में मौजूद दिखा। कॉल मिलने से करीब आधा घंटा पहले वह कार से निकलता भी नजर आया। लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल क्लू के आधार पर पुलिस उसकी पहचान तक पहुंची। पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो उसने दरवाजा नहीं खोला। बाद में वह 17 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश करता मिला, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
आरोपी ने दिया जहरीला मिश्रण
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ितों को लड्डू और कोल्ड ड्रिंक में सल्फास और नींद की गोलियां मिलाकर दी गईं थी। यह घातक कॉम्बिनेशन इतना असरदार था कि तीनों कार से बाहर नहीं निकल पाए। वहीं पुलिस के मुताबिक, एक दिन पहले भी तीनों आरोपी के संपर्क में आए थे, लेकिन कथित तौर पर दो लाख रुपये साथ न लाने पर उन्हें लौटा दिया गया था।
ठगी, तंत्र-मंत्र और ‘जिन्न’ का जाल
पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन लोगों को तंत्र-मंत्र, जिन्न बुलाने और धनवर्षा जैसे झूठे दावों से फंसाता था। साथ ही महिलाओं और परिवारों को अलग-अलग लालच देकर पैसे ऐंठता था। कुछ मामलों में वह कथित इलाज के नाम पर मोटी रकम भी लेता था। पुलिस को ऐसे वीडियो और फोटो भी मिले हैं, जिनमें कथित अनुष्ठान कराए जा रहे थे।
पुलिस जांच जारी
पूछताछ में कमरुद्दीन ने अब तक 8 लोगों की हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है और उसकी संपत्तियों व बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल थे। यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि अंधविश्वास और संगठित ठगी के खतरनाक गठजोड़ की कहानी भी है, जिसने कई परिवारों को तबाह कर दिया।


