जबलपुर: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से करीब 29 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में जबलपुर पुलिस ने विदिशा से एक शासकीय सहायक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नेताओं और बड़े अधिकारियों से संपर्क होने का दावा कर युवाओं को सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान गिरजेश सिंह राजपूत के रूप में हुई है, जो विदिशा जिले के सुमेरदांगी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ है। आरोपी को जांच के बाद विदिशा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।
B.Ed छात्र से नौकरी के नाम पर लिए लाखों
मामले की शिकायत जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने की थी। युवक B.Ed की पढ़ाई कर रहा था और सरकारी नौकरी की तलाश में था। आरोप है कि परिचितों के माध्यम से उसकी मुलाकात आरोपी शिक्षक से हुई।
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने युवक को जबलपुर कलेक्ट्रेट समेत अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उससे अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये लिए गए। बाद में नौकरी न मिलने पर युवक ने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपी कथित तौर पर टालमटोल करता रहा।
3.75 लाख लेकर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक B.Ed छात्र से करीब 3.75 लाख रुपये लेने के बाद उसे नौकरी से संबंधित नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराया। हालांकि, दस्तावेज की जांच के दौरान नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की बात सामने आने का आरोप है।
नौकरी नहीं लगने और नियुक्ति पत्र संदिग्ध पाए जाने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो आरोपी के खिलाफ अन्य युवाओं से भी नौकरी के नाम पर रकम लेने की शिकायतें सामने आईं।
कई लोगों से ठगी का आरोप, रकम पहुंची 29 लाख तक
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान अस्मिता बंसल, मोहनीश बंसल, रजनीश बंसल समेत अन्य लोगों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की जानकारी सामने आई। अब तक सामने आए मामलों में कथित ठगी की कुल रकम करीब 29 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अकेले इस कथित ठगी को अंजाम दिया या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क भी जुड़ा हुआ था। साथ ही लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच जारी है।
विदिशा में दबिश देकर किया गिरफ्तार
शिकायतों और शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसके लिए विशेष टीम गठित की गई और विदिशा में दबिश देकर शासकीय शिक्षक को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ कर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने कितने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। पुलिस आर्थिक लेनदेन और कथित फर्जी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

