नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप के अंदर एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के बोर्ड से उस बैठक के मिनट्स और वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की है, जिसमें चंद्रशेखरन को एक और कार्यकाल देने का फैसला लिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएल टाटा ने 30 सितंबर को भेजे ईमेल में नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका सवाल है कि जब चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति बैठक के तय एजेंडे में नहीं थी, तो इस पर फैसला किस आधार पर लिया गया।
17 सितंबर की बैठक बनी विवाद की वजह
विवाद का केंद्र 17 सितंबर को हुई टाटा संस की बोर्ड बैठक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का मुद्दा सीधे एजेंडे में शामिल होने के बजाय NRC यानी Nomination and Remuneration Committee से जुड़ी जानकारी के दौरान सामने आया था।
टाटा ट्रस्ट्स की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। नोएल टाटा ने इस मामले में इस्तेमाल की गई कानूनी राय और उसे लेने के आधार से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।
नोएल टाटा खुद टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के खिलाफ वोट किया था।
Casting Vote पर अटका पूरा मामला
टाटा संस ने अपने फैसले के समर्थन में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस यूयू ललित और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बीएन श्रीकृष्ण की कानूनी राय का हवाला दिया है। इस पक्ष के अनुसार, वोट बराबर होने की स्थिति में चेयरमैन के Casting Vote के जरिए प्रस्ताव को मंजूरी देना नियमों के तहत सही था।
दूसरी तरफ टाटा ट्रस्ट्स का पक्ष अलग है। उसका कहना है कि दोबारा नियुक्ति के लिए उसके दोनों नॉमिनी डायरेक्टरों का समर्थन जरूरी था। इस पक्ष के समर्थन में पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की कानूनी राय का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है।
एक नॉमिनी समर्थन में, दूसरे विरोध में
बैठक में टाटा ट्रस्ट्स की तरफ से नॉमिनी डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का समर्थन किया, जबकि नोएल टाटा इसके खिलाफ रहे।
चंद्रशेखरन खुद अपनी नियुक्ति से जुड़ी इस प्रक्रिया से अलग रहे। स्वतंत्र निदेशक हरीश मनवानी ने चर्चा की अध्यक्षता की और वोट बराबर होने के बाद Casting Vote के जरिए प्रस्ताव पारित होने की बात कही गई।
यह भी पढ़ें: UPI पर MDR का असर शुरू, 10 अक्टूबर से Pneucons बंद करेगी UPI पेमेंट
अब वीडियो रिकॉर्डिंग पर नजर
नोएल टाटा द्वारा बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग और मिनट्स मांगने के बाद मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। इन रिकॉर्ड्स से यह स्पष्ट हो सकता है कि बैठक में नियुक्ति का प्रस्ताव किस तरह सामने आया, उस पर क्या चर्चा हुई और वोटिंग की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई।

