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‘सोया प्रशासन और गूंगी सरकार अब जाग जाए…’ – ज्योति उमरे की वायरल पोस्ट से बालाघाट की राजनीति में भूचाल

बालाघाट। जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को लेकर अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। लांजी-किरनापुर क्षेत्र में योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तिथि घोषित नहीं होने से हजारों गरीब परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर जिला पंचायत सदस्य ज्योति ईश्वर उमरे ने सोशल मीडिया पर एक तीखा हमला बोलते हुए प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी फेसबुक पोस्ट वायरल होने के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई है।

ज्योति उमरे ने अपनी पोस्ट में सीधे शब्दों में लिखा कि ‘सोये हुए प्रशासन और गूंगी सरकार को जगाने का वक्त आ गया है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि बालाघाट जिले की अन्य तहसीलों में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ लगातार दिया जा रहा है, लेकिन लांजी-किरनापुर ब्लॉक की गरीब बेटियों को जानबूझकर योजना से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष इस क्षेत्र में सैकड़ों बेटियों का विवाह इस योजना के माध्यम से हुआ था, लेकिन इस बार हजारों परिवार सिर्फ इंतजार में बैठे हैं और उनकी बेटियों की शादियाँ अधर में लटक गई हैं।

गरीब परिवारों के सपनों से खिलवाड़ क्यों?

ज्योति उमरे ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि जब पूरे जिले में योजना संचालित हो रही है, तो आखिर लांजी-किरनापुर क्षेत्र की बेटियों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब माता-पिता अपनी बेटियों की शादी के लिए शासन की इस योजना पर निर्भर रहते हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक उदासीनता के कारण आज वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

उन्होंने भावुक अंदाज में लिखा कि ‘इन गरीब बेटियों की हाय और उनके माता-पिता का आक्रोश किसी को चैन से बैठने नहीं देगा।’ पोस्ट में प्रशासन पर संवेदनहीनता और सरकार पर जनता की समस्याओं से दूरी बनाने के आरोप लगाए गए हैं।

भाजपा नेता राजकुमार कर्राहे पर भी उठे सवाल

इस पूरे मामले में अब विपक्षी नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। भाजपा नेता राजकुमार कर्राहे का नाम भी क्षेत्रीय चर्चाओं में तेजी से सामने आ रहा है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में लोग पूछ रहे हैं कि आखिर क्षेत्र के प्रभावशाली नेता और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर खुलकर सामने क्यों नहीं आ रहे हैं।

लोगों का कहना है कि जब हजारों गरीब परिवार परेशान हैं और बेटियों की शादियाँ रुक रही हैं, तब जनप्रतिनिधियों की चुप्पी जनता को और ज्यादा आक्रोशित कर रही है। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले सकता है।

सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही पोस्ट

ज्योति उमरे की पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फेसबुक और व्हाट्सऐप ग्रुपों में लोग इसे लगातार साझा कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी पोस्ट का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है। ऐसे में यदि समय पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भारी बोझ पड़ता है। कई परिवारों ने शादी की तैयारियाँ योजना के भरोसे रोक रखी हैं।

ज्योति उमरे ने दी चेतावनी

पोस्ट में ज्योति उमरे ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द से जल्द सामूहिक विवाह की तिथि घोषित नहीं की गई, तो वे बेटियों के हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगी। उन्होंने कहा कि अब जनता जाग चुकी है और आने वाले समय में इसका मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत तत्काल सामूहिक विवाह की तिथि घोषित की जाए। गरीब बेटियों और उनके परिवारों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए। क्षेत्रीय स्तर पर योजना की स्थिति स्पष्ट कर जनता को जवाब दिया जाए।

प्रशासन की चुप्पी बनी चर्चा का विषय

वहीं मामले में अब तक प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यही कारण है कि जनता के बीच असंतोष और अधिक बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह मुद्दा जिले में बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

फिलहाल लांजी-किरनापुर क्षेत्र की हजारों गरीब बेटियाँ और उनके परिवार प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि आखिर उनकी बेटियों के सपनों का शुभ मुहूर्त कब आएगा।

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