चौमूं में ट्रैफिक सुधार बना बवाल की वजह: मस्जिद के बाहर कार्रवाई के बाद पुलिस पर पथराव, इलाका छावनी में तब्दील

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जयपुर। ग्रामीण जिले के चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के हालात अचानक बिगड़ गए। बस स्टैंड इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मस्जिद के बाहर से पुराने पत्थर हटाने के बाद जब रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ, तो विवाद ने उग्र रूप ले लिया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़े कि भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

हालात काबू में करने के लिए छोड़ी गई आंसू गैस

तड़के करीब 3 बजे शुरू हुए विवाद के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस बल को निशाना बनाया। पत्थरबाजी में करीब छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया जा सका।

समुदाय की मौजूदगी में शांतिपूर्वक हटाए गए थे पत्थर

जानकारी के मुताबिक बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क किनारे करीब 45 सालों से पड़े पत्थरों की वजह से रोजाना जाम की समस्या बनी रहती थी। इसी को लेकर एक दिन पहले पुलिस प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में आपसी सहमति से पत्थर हटाने का फैसला लिया गया और यह काम शांतिपूर्वक पूरा भी कर लिया गया था।

असामाजिक तत्वों की भूमिका की आशंका

प्रशासनिक कार्रवाई को सफल माना जा रहा था, लेकिन अगली सुबह खाली जगह पर रेलिंग लगाने के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। शुरुआती नोकझोंक जल्द ही हिंसा में बदल गई। पुलिस को शक है कि कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर माहौल खराब किया।

अतिरिक्त बल तैनात

घटना के बाद पूरे बस स्टैंड इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर हालात पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

चौमूं थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने साफ कहा है कि कार्रवाई केवल ट्रैफिक सुधार के उद्देश्य से की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप्स के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर ली है। जिसके बाद कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जिन्होंने भी पुलिस पर पथराव किया था, आज उनके ऊपर पुलिस के डंडे पड़ते नजर आ रहें है।