बालाघाट। संयुक्त आदिवासी/जनजाति समाज संगठन के बैनर तले जिले भर के आदिवासी समुदाय ने शनिवार 30 मई को नगर मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में विशाल जनसभा आयोजित कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। सभा के बाद नगर में विशाल रैली निकाली गई और जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जनसभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 24 मई 2026 को दिल्ली के लालकिला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री द्वारा आदिवासियों को ‘वनवासी’ शब्द से संबोधित किया गया, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए इस संबोधन पर कड़ी आपत्ति जताई।
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि आदिवासी एवं जनजातीय समुदाय को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 एवं 366(25) के तहत अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है। ऐसे में ‘वनवासी’ शब्द का प्रयोग समुदाय की पहचान, अस्मिता और संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध बताया गया।
बता दें ज्ञापन में गृह मंत्री अमित शाह से देश के आदिवासी समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। साथ ही संगठन ने इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में कार्यक्रम के आयोजकों एवं संबंधित संगठनों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
वहीं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि समुदाय के आत्मसम्मान, अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होती है तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
रैली और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

