मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद कथित तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
एंटी डिफेक्शन कानून से बचने की रणनीति!
बता दें राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि सांसदों का एक बड़ा समूह एक साथ पार्टी छोड़ता है तो वे Anti Defection Law (दल-बदल विरोधी कानून) के प्रावधानों से बचने की रणनीति अपना सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी सांसद या पार्टी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सूत्रों के मुताबिक, दो दिन पहले शिवसेना UBT के सांसद संजय देशमुख और नागेश अश्टिकर ने दिल्ली में शिंदे गुट के सांसद संजय जाधव से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। आगामी दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं यदि इन चर्चाओं में सच्चाई पाई जाती है।
उद्धव ठाकरे के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति
यदि बड़ी संख्या में सांसद शिंदे गुट का रुख करते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। इससे लोकसभा में पार्टी की ताकत और संगठनात्मक प्रभाव दोनों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, इन सभी दावों और चर्चाओं पर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

