लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया।
सपा विधायक अपने हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे, जिन पर ‘NEET है या चीट है’ और ‘राम के नाम पर लूट है’ जैसे नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शन के दौरान विधायक दानपेटी में चिल्लर भरकर भी पहुंचे।
सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल में किसानों के हितों पर कुठाराघात हुआ, वही लोग आज किसानों की बात कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सब देख रही है।
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सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने पहले राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वही आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से नकारात्मक राजनीति छोड़कर सकारात्मक चर्चा करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आउटसोर्स भर्ती निगम के माध्यम से अगले सप्ताह से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, 7 अगस्त से विधायक कांवड़ यात्रियों का स्वागत करेंगे।
सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव
विधानसभा में देश के सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए सदन में दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना समेत सभी दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक आलमबदी का निधन 22 जुलाई को हुआ था।
अनुपूरक बजट समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा
यूपी विधानसभा का मानसून सत्र 4 दिनों तक चलेगा। मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद संसदीय कार्य और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। सत्र के दौरान 9 अध्यादेश भी पारित किए जा सकते हैं। इसके अलावा संभल दंगों की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी सदन में पेश की जाएगी।
माता प्रसाद पांडेय ने याद किया आलमबदी को
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आलमबदी को याद करते हुए कहा कि वे जिद्दी स्वभाव के थे। उन्होंने बताया कि एक बार आलमबदी ने सदन में उर्दू में शपथ लेने की इच्छा जताई थी और काफी समझाने के बाद भी अपनी बात पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि 90 साल की उम्र में भी आलमबदी में चुनाव लड़ने का जुनून था।
वहीं, अपना दल (एस), राष्ट्रीय लोकदल, सुभासपा, निषाद पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने भी शोक प्रस्ताव के जरिए आलमबदी को श्रद्धांजलि दी।

