वाराणसी: रामनगर इलाके के लंका मैदान के पास यूपी एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने कुख्यात नक्सली बृजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह को एनकाउंटर में मार गिराया है। वह झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) का कमांडर था। उस पर झारखंड सरकार द्वारा 25 लाख और एनआईए द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एटीएस टीम ने रोका तो शुरू की फायरिंग
जानकारी के अनुसार, बृजेश गंजू अपने एक साथी के साथ बाइक पर वाराणसी से मुगलसराय जा रहा था। एटीएस टीम ने रास्ते में उसे रोकने का इशारा किया, पकड़े जाने के डर से गंजू ने दोनों हाथों से पिस्तौल से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एटीएस के जवानों ने भी गोलियां चलाईं गंजू को गोली लगी और वह सड़क पर गिर पड़ा मौका पाकर बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी फरार हो गया।
डिप्टी एसपी और हेड कांस्टेबल के जैकेट पर लगी गोली
नक्सली की फायरिंग से एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, लेकिन दोनों सुरक्षित रहे। डिप्टी एसपी विपिन राय ने बताया कि गंजू ने पकड़े जाने के डर से अंधाधुंध फायरिंग की जवाबी कार्रवाई में उसे घायल कर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
आठ साल से वांटेड था नक्सली
बृजेश गंजू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग इलाके का रहने वाला था आठ साल पहले एनआईए ने टेरर फंडिंग केस में उसे वांटेड घोषित किया था। उसके घर की कुर्की भी की जा चुकी थी वह ट्रांसपोर्टरों, कोयला खनन कंपनियों और ठेकेदारों से जबरन वसूली करता था क्षेत्र में आतंक का माहौल बनाए रखने के लिए वह कुख्यात था।

