गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए बजट पेश कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर वित्त मंत्री अपना पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा। सरकार ने इस बजट में सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास और राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान को प्रमुख प्राथमिकता देने की बात कही है।
पहली बार पूर्ण बजट पेश कर रहे हैं धामी
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री धामी ने पहली बार पूर्ण बजट पेश किया है। इससे पहले उन्होंने पिछले वर्ष अनुपूरक बजट पेश किया था। दरअसल, पूर्व वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद से वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री के पास ही है। ऐसे में इस बजट को धामी सरकार के आर्थिक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है।
विकास और जनकल्याण पर फोकस
बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि- पिछले 25 वर्षों में राज्य ने कई प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन इसके बावजूद मातृशक्ति, किसानों और युवाओं की भागीदारी से विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
आंदोलनकारियों की पेंशन में बढ़ोतरी
राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनकी पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। जेल गए या राज्य आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है।
आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार का कहना है कि इस बजट के जरिए राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, पर्यटन और ग्रामीण विकास को नई गति देने की कोशिश की जाएगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी अतिरिक्त ध्यान दिया जाएगा।


