उज्जैन: चिमनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना से जुड़े दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। विवाद में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप और ढाबा संचालक जितेंद्र पंवार की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पद और वर्चस्व को लेकर विवाद की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद संगठन के पद, वर्चस्व या संपत्ति से जुड़े किसी मामले को लेकर हुआ हो सकता है। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक, पूर्व नगर अध्यक्ष शक्ति सिंह और उसके साथियों का विवाद प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल दरबार तथा जितेंद्र पंवार से हुआ था।
आरोप है कि विवाद के दौरान हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और हिंसक संघर्ष हुआ।
पुलिस पहुंची तो मिला एक शव, दूसरा झाड़ियों में बरामद
घटना की सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया। राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप, निवासी नीमनवासा, और जितेंद्र पंवार, निवासी उंडासा, की इस संघर्ष में मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की जांच के दौरान ढाबे से कुछ दूरी पर झाड़ियों में जितेंद्र पंवार का शव मिला। वहीं, शक्ति सिंह, श्रवण और पप्पू जाट घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
ढाबे में तोड़फोड़, वाहन क्षतिग्रस्त; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
संघर्ष के दौरान मौके पर खड़े फोरव्हीलर समेत अन्य वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। ढाबे के अंदर भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ वहां लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
पुलिस हमले में शामिल लोगों, विवाद की शुरुआत और हथियारों के इस्तेमाल की जांच कर रही है। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
घायल ने लगाया 15-20 हथियारबंद लोगों के साथ हमला करने का आरोप
घायल श्रवण ने आरोप लगाया कि शक्ति सिंह और राहुल दरबार के बीच संगठन के पद को लेकर विवाद था। उसके मुताबिक, शक्ति सिंह ने सोनू बंजारा को 15 से 20 हथियारबंद लोगों के साथ मौके पर बुलाया, जिसके बाद हमला किया गया।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है।

